भोपाल: मध्यप्रदेश में स्वामित्व योजना के तहत रजिस्ट्री कराने को लेकर सरकार और पटवारियों के बीच जारी गतिरोध खत्म हो गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात के बाद राजस्व विभाग ने पटवारियों को कानूनी राहत देने का आदेश जारी किया। इसके बाद पटवारी सोमवार से रजिस्ट्री का काम शुरू करेंगे। सरकार ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित प्रक्रिया के तहत रजिस्ट्री कराने के मामले में पटवारियों के खिलाफ अभियोजन की स्वीकृति नहीं दी जाएगी।
मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद बदला फैसला
स्वामित्व अधिकार अभिलेख निपटान एवं पंजीयन योजना-2026 के तहत पटवारियों को राज्य शासन की ओर से रजिस्ट्री कराने के लिए निष्पादक (एक्जीक्यूटर) नियुक्त किया गया था। इसके लिए 13 अगस्त 2026 को आदेश जारी किया गया था। हालांकि, इस जिम्मेदारी के दौरान कानूनी विवाद या आपराधिक मामले में कार्रवाई की आशंका जताते हुए पटवारी इसका विरोध कर रहे थे।
शुक्रवार रात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से पटवारी संघ के पदाधिकारियों ने मुलाकात की। बैठक में पटवारियों की कानूनी सुरक्षा को लेकर चर्चा हुई और राहत देने के लिए आदेश जारी करने पर सहमति बनी। इसके बाद राजस्व विभाग ने नया आदेश जारी कर दिया।
रजिस्ट्री के मामले में अभियोजन की मंजूरी नहीं
राजस्व विभाग के आदेश में कहा गया है कि राज्य शासन की ओर से निर्धारित प्रक्रिया के तहत रजिस्ट्री कराने के संबंध में पटवारियों के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 218 के तहत अभियोजन की स्वीकृति नहीं दी जाएगी।
यह आदेश 17 सितंबर 2026 को जारी पूर्व आदेश को अधिक्रमित करते हुए तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है। योजना के तहत भू-अभिलेखों के आधार पर भू-अधिकारों के निपटारे और पंजीयन की प्रक्रिया भारतीय रजिस्ट्रेशन अधिनियम, 1908 तथा संबंधित प्रावधानों के अनुसार की जाएगी।
इस आदेश से पटवारियों को योजना के तहत निर्धारित प्रक्रिया में रजिस्ट्री कराने के मामले में अभियोजन की स्वीकृति से राहत मिलेगी। हालांकि, इसे हर तरह के मामले में कानूनी कार्रवाई से पूर्ण छूट नहीं माना जा सकता।
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एक महीने में 50 लाख रजिस्ट्री का लक्ष्य
राज्य सरकार ने स्वामित्व योजना के तहत रजिस्ट्री की प्रक्रिया के लिए 17 सितंबर की तारीख तय की थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन से एक महीने के भीतर 50 लाख रजिस्ट्री कराने का लक्ष्य रखा गया था। इसके लिए पटवारियों को निष्पादक की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
कानूनी कार्रवाई की आशंका के चलते पटवारियों के विरोध से योजना का काम प्रभावित हो रहा था। अब सरकार के नए आदेश के बाद पटवारियों ने सोमवार से रजिस्ट्री शुरू करने पर सहमति जताई है। इससे योजना के तहत भू-अधिकारों के निपटारे और पंजीयन की प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है।

