Wednesday, October 14, 2026
Contact: +91 97559 93555
Email: tathyawani@gmail.com
spot_img
Hometrending newsदेवास में पुलिसकर्मी के ठिकानों पर लोकायुक्त का छापा, आय से 223%...

देवास में पुलिसकर्मी के ठिकानों पर लोकायुक्त का छापा, आय से 223% अधिक संपत्ति का खुलासा

देवास: मध्य प्रदेश के देवास में लोकायुक्त पुलिस ने पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय(PTC), इंदौर में पदस्थ प्रधान आरक्षक चालक फिरोज खान के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है।बुधवार सुबह 6 बजे लोकायुक्त इंदौर और उज्जैन की संयुक्त टीम ने देवास, इंदौर सहित विभिन्न स्थानों पर सर्चिंग शुरू की। कार्रवाई में आरोपी पुलिसकर्मी के आवास, फ्लैट, कृषि भूमि और अन्य संपत्तियों को जांच के दायरे में लिया गया है।

आय से अधिक संपत्ति होने का खुलासा

लोकायुक्त की शुरुआती जांच में प्रधान आरक्षक फ़िरोज के पास आय से लगभग 223 प्रतिशत अधिक, करीब 6 करोड़ 26 लाख रुपये की अनुपातहीन संपत्ति होने का खुलासा हुआ है।

दरअसल, लोकायुक्त पुलिस को प्रधान आरक्षक फिरोज खान के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने और जमीनों के कारोबार में कथित रूप से हस्तक्षेप करने की शिकायत मिली थी। शिकायत की जांच उप पुलिस अधीक्षक सुनील तालान के माध्यम से कराई गई।

जांच में आरोपी की कुल आय लगभग 1 करोड़ 93 लाख 84 हजार रुपये आंकी गई, जबकि अब तक की जांच में करीब 6 करोड़ 26 लाख 67 हजार रुपये की अनुपातहीन संपत्ति सामने आने की बात कही गई है।

रियल एस्टेट में निवेश की जानकारी भी मिली

लोकायुक्त के मुताबिक, आरोपी के देवास स्थित आवास के अलावा इंदौर में फ्लैट, विभिन्न स्थानों पर भूखंड, कृषि भूमि और अन्य संपत्तियों की जानकारी सामने आई है। जांच में आरोपी की मां और पत्नी के नाम से फर्मों के जरिए करोड़ों रुपये के लेन-देन तथा रियल एस्टेट में निवेश की जानकारी भी मिली है।

इसके अलावा, पुलिसकर्मी की परिचित एक महिला के नाम से कृषि भूमि के रजिस्टर्ड एग्रीमेंट का मामला भी जांच में सामने आया है। लोकायुक्त ने इस मामले में उनकी कथित भूमिका के आधार पर उन्हें भी आरोपी बनाया है।

 लोकायुक्त की सर्चिंग जारी 

लोकायुक्त की टीमें देवास में 11 और इंदौर में 4 स्थानों पर सर्चिंग कर रही हैं। इन ठिकानों में आवासीय मकान, अपार्टमेंट में फ्लैट, कृषि भूमि और व्यावसायिक भूखंड शामिल हैं।

फिलहाल लोकायुक्त की सर्चिंग जारी है। कार्रवाई पूरी होने के बाद संपत्तियों, दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन से जुड़े अन्य तथ्यों का खुलासा होने की संभावना है। मामले में आगे की जानकारी का इंतजार है।

RELATED ARTICLES

ई-पेपर

11 to 17 October 2026
4 October to 10 October 2026

शासकीय निविदाएं

विज्ञापन