Sunday, November 8, 2026
Contact: +91 97559 93555
Email: tathyawani@gmail.com
spot_img
Hometrending newsमुरैना में नकली खाद के गोरखधंधे का भंडाफोड़

मुरैना में नकली खाद के गोरखधंधे का भंडाफोड़

मुरैना: जिले में खाद की किल्लत के बीच नकली डीएपी खाद का कारोबार सामने आया है। किसान एक-एक बोरी खाद के लिए परेशान हैं। वहीं, खाद का स्टॉक आते ही ऑनलाइन बुकिंग के जरिए कुछ ही देर में खत्म हो जाता है। किसानों की इसी मजबूरी का फायदा उठाकर कुछ लोग कथित तौर पर नकली खाद तैयार कर बाजार में खपाने की कोशिश कर रहे हैं।

बुधवार शाम मुरैना के जेवराखेरा रोड पर स्टेशन रोड थाना पुलिस ने नकली डीएपी खाद की पैकिंग करने वाले एक ठिकाने पर छापेमार कार्रवाई की। पुलिस को मौके से करीब 300 पैक किए हुए बोरे मिले। प्रारंभिक जांच में खाद नकली होने की आशंका जताई गई है।

ऐसे चल रहा था नकली खाद की पैकिंग का खेल

जानकारी के अनुसार, स्टेशन रोड थाना प्रभारी दर्शन शुक्ला को सूचना मिली थी कि जेवराखेरा रोड पर एक कच्चे मकान में नकली खाद की पैकिंग की जा रही है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे।

कॉलोनी की प्लॉटिंग के बीच स्थित एक प्लॉट में दीवारों से घिरे टिनशेड के अंदर कुछ लोग बोरों की पैकिंग करते मिले। जांच के दौरान सामने आया कि सफेद बोरों में रखी खाद को हरे रंग के बोरों में भरा जा रहा था। इन बोरों पर इंडियन पोटाश लिमिटेड कंपनी का नाम, प्रधानमंत्री की तस्वीर और भारतीय जन उर्वरक परियोजना के तहत डीएपी खाद होने का उल्लेख था।

पुलिस को आशंका हुई कि नकली खाद को असली सरकारी खाद जैसा दिखाने के लिए उसकी पैकिंग बदली जा रही थी। मौके पर करीब 300 पैक किए हुए बोरे मिले। एक कमरे में सफेद बोरों में भरी खाद भी रखी हुई थी। इसके अलावा पैकिंग मशीन और एक मिनी लोडिंग वाहन भी मिला, जिसमें डीएपी खाद के आठ बोरे भरे हुए थे।

पूछताछ में जानकारी सामने आई कि कुछ समय पहले ही एक लोडिंग वाहन से खाद के बोरे वहां से भेजे गए थे। पुलिस अब इस कारोबार से जुड़े लोगों और खाद की सप्लाई के नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।

ये भी पढ़ें: भारत में एसआईआर से 13.36 करोड़ नाम हटने पर अमेरिकी सांसद ने जताई चिंता

 कृषि विभाग ने जताई खाद के नकली होने की आशंका

पुलिस ने मौके पर खाद जब्त करने के बाद कृषि विभाग को सूचना दी। इसके बाद कृषि विभाग के उप संचालक अनंत सड़ैया अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। जांच के दौरानू खाद के नमूने को पानी में डालकर देखा गया, जिसमें वह तत्काल घुल गया।

कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार, डीएपी खाद के विभिन्न घटकों का पानी में घुलने का व्यवहार अलग-अलग होता है। इसलिए केवल पानी में घुलने के आधार पर खाद की अंतिम पुष्टि नहीं की जा सकती। मौके पर मिले खाद के नमूने जांच के लिए लिए गए हैं। प्रयोगशाला की रिपोर्ट से ही पता चलेगा कि खाद में कौन-से रासायनिक पदार्थ मौजूद हैं और उसकी वास्तविक गुणवत्ता क्या है।

 

RELATED ARTICLES

ई-पेपर

1 to 7 November 2026
25 to 31 October 2026

शासकीय निविदाएं

विज्ञापन