भोपाल: राजधानी के भोपाल रेलवे स्टेशन पर यात्रियों और ट्रेनों का दबाव कम करने के लिए रेलवे ने रानी कमलापति स्टेशन पर ट्रेनों के ठहराव बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए रानी कमलापति स्टेशन पर ट्रेनों में पानी भरने की सुविधा विकसित की जाएगी। इस प्रस्ताव को रेलवे मुख्यालय से मंजूरी मिल गई है। सुविधा शुरू होने के बाद भोपाल स्टेशन पर पानी भरने के लिए रुकने वाली कुछ ट्रेनों को रानी कमलापति स्टेशन पर भी ठहराव दिया जा सकेगा।
विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस होने के बावजूद रानी कमलापति स्टेशन पर फिलहाल कई ट्रेनों का ठहराव सीमित है। इसकी एक प्रमुख वजह ट्रेनों में पानी भरने की व्यवस्था नहीं होना है। रेलवे अब इस कमी को दूर करने की दिशा में काम कर रहा है। योजना लागू होने से ट्रेनों के ठहराव दोनों स्टेशनों के बीच बांटने में मदद मिलेगी और भोपाल स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ का दबाव कम हो सकता है।
डेढ़ साल से चल रही थी सुविधा शुरू करने की तैयारी
सीनियर डीसीएम सौरभ कटारिया के मुताबिक, रानी कमलापति स्टेशन पर ट्रेनों में पानी भरने की सुविधा विकसित करने को लेकर पिछले डेढ़ साल से विचार-विमर्श चल रहा था। अब रेलवे मुख्यालय से प्रस्ताव को सहमति मिल गई है और योजना पर अमल शुरू हो चुका है।
वॉटरिंग सुविधा तैयार होने के बाद भोपाल स्टेशन पर पानी भरने के लिए रुकने वाली कुछ ट्रेनों को रानी कमलापति स्टेशन पर ठहराव देने का विकल्प मिलेगा। इससे रेलवे को ट्रेनों के संचालन और ठहराव की व्यवस्था अधिक संतुलित बनाने में मदद मिलेगी।
भोपाल स्टेशन पर रोजाना 70 से 80 हजार यात्रियों की आवाजाही
भोपाल रेलवे स्टेशन पर रोजाना करीब 70 से 80 हजार यात्रियों की आवाजाही होती है। अधिकांश ट्रेनों का ठहराव और पानी भरने की व्यवस्था इसी स्टेशन पर होने से यहां यात्रियों का दबाव बढ़ जाता है। बड़े धार्मिक आयोजनों और अन्य कार्यक्रमों के दौरान भीड़ को संभालना और चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
रेलवे की योजना सभी ट्रेनों का ठहराव एक ही स्टेशन पर केंद्रित रखने के बजाय भोपाल और रानी कमलापति स्टेशनों के बीच संतुलित बंटवारा करने की है। इसके तहत कुछ महत्वपूर्ण ट्रेनों को रानी कमलापति स्टेशन पर ठहराव दिया जा सकेगा, जबकि भोपाल स्टेशन पर मौजूदा ठहराव भी जारी रहेंगे।
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यात्रियों को मिलेंगे दो विकल्प
रानी कमलापति स्टेशन पर वॉटरिंग सुविधा शुरू होने से यात्रियों को ट्रेन पकड़ने के लिए दोनों स्टेशनों का विकल्प मिल सकेगा। इससे भोपाल स्टेशन पर भीड़ का दबाव घटाने में मदद मिलने की उम्मीद है। हालांकि, किन ट्रेनों को रानी कमलापति स्टेशन पर ठहराव दिया जाएगा, इसकी जानकारी रेलवे की ओर से अलग से सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगी।

