भोपाल: गर्भावस्था में क्या खाना चाहिए, स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए कौन-सा आहार बेहतर है और नवजात के शुरुआती विकास में किन पोषक तत्वों की जरूरत होती है, अब इन सवालों के जवाब मोबाइल पर मिल सकेंगे। एम्स भोपाल ने मां और शिशु के पोषण से जुड़ी जानकारी आसानी से उपलब्ध कराने के लिए क्यूआर कोड आधारित डिजिटल सुविधा शुरू की है। कोड स्कैन करते ही गर्भवती महिलाओं, नई माताओं और उनके परिजनों को खानपान से जुड़े जरूरी दिशा-निर्देश मिल सकेंगे।
एम्स के आहार विज्ञान विभाग की इस पहल का उद्देश्य पोषण संबंधी सही जानकारी लोगों तक आसानी से पहुंचाना और माताओं-बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। डिजिटल माध्यम से गर्भावस्था के दौरान संतुलित आहार, बच्चे के जीवन के पहले 1000 दिनों में पोषण और स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए दुग्धवर्धक खाद्य पदार्थों से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।
बच्चे के शुरुआती 1000 दिनों के पोषण पर जोर
बच्चे के जीवन के शुरुआती 1000 दिन उसके शारीरिक और मानसिक विकास के लिहाज से महत्वपूर्ण माने जाते हैं। इस दौरान उचित पोषण मिलने से बच्चे के बेहतर विकास में मदद मिलती है। एम्स की डिजिटल सुविधा के जरिए परिवारों को इस अवधि में जरूरी पोषक तत्वों और संतुलित आहार के बारे में जानकारी मिल सकेगी।
गर्भवती महिलाएं भी क्यूआर कोड स्कैन कर अपने खानपान से जुड़े दिशा-निर्देश देख सकेंगी। वहीं, नवजात बच्चों की माताओं को स्तनपान और पोषण संबंधी जानकारी हासिल करने में मदद मिलेगी।
आंगनबाड़ी से अस्पताल तक चलाया जागरूकता अभियान
यह डिजिटल पहल 14 अक्टूबर को राष्ट्रीय पोषण माह के समापन समारोह के दौरान शुरू की गई। पोषण माह का आयोजन 9 सितंबर से 8 अक्टूबर तक ‘हमारी आंगनबाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ थीम पर किया गया था। इस दौरान माताओं और बच्चों के स्वास्थ्य तथा संतुलित आहार के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं।
अभियान के तहत तीन आंगनबाड़ी केंद्रों के साथ भोपाल के बकानिया, बमूलिया, बंगरसिया और दीवानगंज में भी जागरूकता कार्यक्रम हुए। एम्स की ओपीडी में बच्चों के जीवन के शुरुआती 1000 दिनों के पोषण पर जानकारी दी गई। बाल रोग विभाग के सहयोग से बाल विकास पर सत्र आयोजित किए गए।
संतुलित और पौष्टिक भोजन के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए स्वस्थ टिफिन प्रतियोगिता भी कराई गई। इसमें मीना चौधरी ने पहला और अंकिता वाडनेरकर ने दूसरा स्थान हासिल किया। प्रियांशी यादव और भूमिका मालवीय संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर रहीं। समापन समारोह में आहार विज्ञान विभाग के इंटर्न ने पोषण जागरूकता पर नुक्कड़ नाटक भी प्रस्तुत किया।
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एम्स के कार्यपालक निदेशक ने किया शुभारंभ
डिजिटल पोषण दिशा-निर्देशों का शुभारंभ एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल (डॉ.) नरेंद्र कोतवाल (सेवानिवृत्त) ने किया। उन्होंने कहा कि माताओं और बच्चों का स्वस्थ रहना एक स्वस्थ समाज की नींव है। पोषण संबंधी सही जानकारी प्रत्येक परिवार तक पहुंचनी चाहिए।
हालांकि, क्यूआर कोड के माध्यम से मिलने वाली जानकारी सामान्य मार्गदर्शन के लिए है। गर्भावस्था, स्तनपान या बच्चे की सेहत से जुड़ी विशेष परिस्थितियों में डॉक्टर और आहार विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी होगा।

