मुंबई: महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के प्रमुख राज ठाकरे ने देश की राजनीति को लेकर एक ऐसा बयान दिया है, जिससे राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। मुंबई प्रेस क्लब में बुधवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने आने वाले पांच महीनों में देश में कुछ बड़ा होने की बात कही। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि उनका इशारा किस घटना या राजनीतिक बदलाव की ओर है।
राज ठाकरे ने इस दौरान छात्रों के आंदोलन, पुलिस कार्रवाई, चुनाव प्रक्रिया और देश में बढ़ते जनाक्रोश जैसे कई मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने केंद्र की सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी पर भी सवाल उठाए।
छात्रों पर लाठीचार्ज को लेकर सरकार से सवाल?
राज ठाकरे ने NEET पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रखने वाले छात्रों पर लाठीचार्ज करना उचित नहीं है।
ठाकरे ने सवाल किया कि आखिर छात्रों के प्रदर्शन में ऐसी कौन सी अराजकता थी, जिसके कारण पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। राज ठाकरे ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस की वर्दी में राजनीतिक कार्यकर्ताओं को शामिल किया गया और जानबूझकर अफरा-तफरी पैदा की गई।
उन्होंने कहा कि छात्रों ने कोई गलत काम नहीं किया था। वे केवल अपने भविष्य और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े सवाल उठा रहे थे। राज ठाकरे ने भाजपा को उसके पुराने आंदोलनों की याद दिलाते हुए कहा कि पार्टी को अपने राजनीतिक इतिहास पर भी नजर डालनी चाहिए।
बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग दोहराई
प्रेस कॉन्फ्रेंस में राज ठाकरे ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) की जगह बैलेट पेपर से मतदान कराने की मांग भी दोहराई। उन्होंने कहा कि वे वर्ष 2018 से ही बैलेट पेपर के समर्थन में आवाज उठा रहे हैं और इस संबंध में चुनाव अधिकारियों से मुलाकात भी कर चुके हैं।
राज ठाकरे के अनुसार, लोकतंत्र में मतदाता का चुनाव प्रक्रिया पर भरोसा होना सबसे जरूरी है। प्रत्येक मतदाता को यह विश्वास होना चाहिए कि उसका वोट सही तरीके से दर्ज हुआ है।
उन्होंने कहा कि चुनाव में हार और जीत अलग विषय हैं, लेकिन मतदान प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल नहीं उठने चाहिए। उन्होंने कई देशों में बैलेट पेपर के इस्तेमाल का उदाहरण देते हुए भारत में भी इस व्यवस्था को अपनाने पर विचार करने की बात कही।
सत्ता परिवर्तन की चर्चाओं पर भी दी प्रतिक्रिया
राज ठाकरे ने शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत के सत्ता परिवर्तन वाले बयान पर भी जवाब दिया। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर उनकी संजय राउत से बात हुई है।
राज ठाकरे ने देश में लोगों की नाराजगी और वोट चोरी के आरोपों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि चुनाव के नतीजे घोषित करने में थोड़ा ज्यादा समय लग भी जाए तो कोई दिक्कत नहीं, लेकिन वोटर्स का भरोसा बना रहना चाहिए।
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पांच महीने वाले बयान के क्या हैं मायने?
राज ठाकरे की ओर से अगले पांच महीनों में किसी बड़ी घटना की संभावना जताए जाने के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चाएं शुरू हो गई हैं। उनके बयान को सत्ता परिवर्तन संबंधी चर्चाओं से जोड़कर भी देखा जा रहा है, लेकिन फिलहाल इस बारे में कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई है।
ठाकरे के इस बयान का वास्तविक मतलब क्या है, यह अभी स्पष्ट नहीं है। आने वाले समय में उनके राजनीतिक कदमों और बयानों से ही स्थिति अधिक साफ हो सकेगी।

