बालाघाट: खैरलांजी जनपद की बिटोरी पंचायत में सरपंच के कारनामे ने सबको हैरान कर दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि महिला सरपंच ने फर्जी बिलों के सहारे लाखों रुपये निकाल लिए, जबकि धरातल पर कोई काम ही नहीं हुआ। जेसीबी के डीजल से लेकर सामुदायिक भवन में मिट्टी-मुरूम भराव के नाम पर घोटाले का आरोप लग रहा है। इसे लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और वे जांच की मांग कर रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने एक महिला को सरपंच चुना था, लेकिन उनका सारा कामकाज उनके पति देखते हैं। आरोप है कि पति खुद की जेब भरने में लगे हैं और अधिकारियों को कमीशन देने का हवाला देते हैं।
धरातल पर काम नहीं, कागजों में पैसा निकला
ग्रामीणों ने कैमरे पर पंचायत में हुए विकास कार्यों की पोल खोल दी। उनका आरोप है कि निर्माणाधीन सामुदायिक भवन में किसी तरह का मिट्टी-मुरूम भराव नहीं किया गया, फिर भी फर्जी बिल लगाकर राशि निकाल ली गई।
इसी तरह बोरवेल खनन और ग्राम पंचायत पट्टिका बोर्ड जैसे कार्यों में भी फर्जी बिल लगाकर गबन किया गया है।
श्मशान घाट के नाम पर 7 लाख का खेल
सबसे बड़ा आरोप श्मशान घाट भूमि के समतलीकरण के नाम पर है। ग्रामीणों के मुताबिक इसके नाम पर लगभग 7 लाख रुपये निकाले गए हैं। इसमें करीब 2.50 लाख रुपये जेसीबी मशीन के नाम पर और 85 हजार रुपये अलग से डीजल के नाम पर निकाले गए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायती राज व्यवस्था में मशीन में डीजल खपत के अलग से बिल लगाने का कोई प्रावधान ही नहीं है, जो सीधे तौर पर भ्रष्टाचार को दर्शाता है। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

