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टेकाड़ी पंचायत में लाखों के कथित भ्रष्टाचार का आरोप, ग्रामीणों ने फिर उठाई जांच की मांग

बालाघाट: जिले की ग्राम पंचायत टेकाड़ी में निर्माण कार्यों के नाम पर शासकीय राशि के कथित दुरुपयोग का मामला सामने आया है। पंचायत के चार ग्रामीणों ने 27 अक्टूबर को कलेक्टर की जनसुनवाई में आवेदन सौंपकर पंचायत में कराए गए विभिन्न निर्माण कार्यों की दोबारा उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। शिकायतकर्ताओं ने सरपंच, पंचायत सचिव, ग्राम रोजगार सहायक और उपयंत्री पर मिलीभगत कर बिना वास्तविक निर्माण कार्य कराए शासकीय राशि आहरित करने तथा जांच में अनियमितताओं को नजरअंदाज करने के आरोप लगाए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।

पहले की जांच पर भी उठाए सवाल

शिकायतकर्ता गुलाबचंद पटले, सुद्धलाल बाहेश्वर, शैलेन्द्र पंचेश्वर और मुकेश खैरवार ने आवेदन में ग्राम पंचायत टेकाड़ी की सरपंच रश्मि कावरे, सचिव ज्ञानेन्द्र कटरे, ग्राम रोजगार सहायक शिवशंकर गाड़ेश्वर और उपयंत्री सुरज बन्सोड को अनावेदक बनाया है। उनका आरोप है कि पंचायत में विभिन्न निर्माण कार्यों को लेकर पहले भी शिकायतें की गई थीं, लेकिन जांच के दौरान उन्हें अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया गया। शिकायतकर्ताओं ने जांच प्रतिवेदनों की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा है कि कथित अनियमितताएं सामने आने के बावजूद संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध पद से पृथक करने जैसी कार्रवाई नहीं की गई और केवल राशि की वसूली तक मामला सीमित रखा गया।

खेत तालाब निर्माण के नाम पर भुगतान का आरोप

शिकायत में हितग्राही हिरवंता बाई पति संतोष नागेश्वर के खेत में खेत तालाब निर्माण का मामला प्रमुखता से उठाया गया है। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, संबंधित खेत में तालाब का निर्माण नहीं किया गया, इसके बावजूद निर्माण कार्य के नाम पर राशि खर्च होना दर्शाया गया।

आवेदन में उल्लेख किया गया है कि मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत बालाघाट द्वारा 5 मार्च 2026 को पारित आदेश में उक्त कार्य का मूल्यांकन 29,350 रुपये और व्यय राशि 72,558 रुपये दर्शाई गई थी। इस आधार पर 43,208 रुपये की अतिरिक्त राशि की वसूली के आदेश दिए जाने का उल्लेख शिकायत में किया गया है।

शिकायतकर्ताओं का कहना है कि जब मौके पर तालाब का निर्माण ही नहीं हुआ, तो केवल अतिरिक्त व्यय की वसूली पर्याप्त नहीं है। उन्होंने इस मामले में पूर्व जांच की दोबारा समीक्षा कर वास्तविक स्थिति का पता लगाने और जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की है।

आरसीसी नाली निर्माण में भी गड़बड़ी का आरोप

ग्राम पंचायत टेकाड़ी में परदेशी टेलर के घर से पुलिया तक आरसीसी नाली निर्माण को लेकर भी शिकायत की गई है। आवेदन के अनुसार, 18 नवंबर 2024 को इस कार्य के लिए 1 लाख 37 हजार रुपये की राशि स्वीकृत की गई थी। इसमें 9,220 रुपये का मजदूरी भुगतान दर्शाए जाने का उल्लेख है।

शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि मौके पर नाली का निर्माण नहीं कराया गया, जबकि पंचायत दर्पण पोर्टल पर कार्य पूर्ण बताया जा रहा है। उन्होंने मस्टररोल में गांगुलपारा गांव के मजदूरों के नाम कथित रूप से दर्ज किए जाने पर भी सवाल उठाए हैं। आवेदन में बताया गया कि 10 फरवरी 2026 को शिकायत किए जाने के बाद संयुक्त जांच दल ने जांच की, लेकिन शिकायतकर्ताओं के मुताबिक वास्तविक स्थिति के विपरीत कार्य पूर्ण होने की रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी गई।

सभा मंच के सौंदर्यीकरण के भुगतान पर सवाल

शिकायत में ग्राम केरा में सभा मंच के पास सौंदर्यीकरण कार्य के नाम पर किए गए भुगतान को लेकर भी अनियमितता का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, सरपंच के पति के बड़े भाई संजीव कावरे के नाम पर 27 हजार रुपये का भुगतान दर्शाया गया है।

आवेदन में दावा किया गया है कि संजीव कावरे को मेट के साथ-साथ मिस्त्री, पंप ऑपरेटर और लोहा कटाई जैसे कार्यों के लिए भी भुगतान किया गया, जबकि शिकायतकर्ताओं ने इन कार्यों को किए जाने पर सवाल उठाए हैं। शिकायत के अनुसार, पूर्व जांच में 27 हजार रुपये का भुगतान वसूली योग्य पाया गया था और संबंधित लोगों से वसूली का उल्लेख किया गया है।

शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति को बिना काम किए भुगतान किया गया है, तो केवल राशि की वसूली पर्याप्त नहीं है। इस मामले में भुगतान की प्रक्रिया, जिम्मेदारी और कथित अनियमितता में संबंधित पदाधिकारियों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।

नयाटोला के पास तालाब निर्माण में 8.38 लाख रुपये के व्यय पर सवाल

ग्राम पंचायत टेकाड़ी के अंतर्गत नयाटोला के पास तालाब निर्माण कार्य को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायत में इस कार्य पर कुल 8 लाख 38 हजार 292 रुपये खर्च होना दर्शाए जाने का उल्लेख है। इसमें 7 लाख 56 हजार 467 रुपये मजदूरी और 42 हजार 204 रुपये सामग्री पर व्यय दर्शाए जाने की बात कही गई है।

शिकायतकर्ताओं का दावा है कि संबंधित स्थल पर तालाब निर्माण के लिए मिट्टी की खुदाई नहीं की गई। उनका आरोप है कि पूर्व में टाइल्स फैक्ट्री संचालकों द्वारा उक्त स्थान से मिट्टी निकाली गई थी और बाद में वास्तविक निर्माण कार्य किए बिना ही व्यय दर्शा दिया गया।

आवेदन में यह भी कहा गया है कि संयुक्त जांच दल ने शिकायतकर्ताओं को मौके पर अपना पक्ष रखने का अवसर दिए बिना कार्य पूर्ण होने की रिपोर्ट प्रस्तुत की। शिकायतकर्ताओं के मुताबिक, उन्होंने स्थल के फोटोग्राफ भी शिकायत के साथ संलग्न किए थे और निर्माण कार्य की वास्तविक स्थिति की दोबारा जांच कराने की मांग की थी।

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पुलिस सुरक्षा में जांच कराने की मांग

शिकायतकर्ताओं ने आवेदन में आरोप लगाया है कि पंचायत के प्रभावशाली लोगों द्वारा उन्हें शिकायत वापस लेने के लिए दबाव में लेने और डराने-धमकाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि संबंधित लोग अधिकारियों से संपर्क होने की बात कहकर शिकायतों को निरस्त करा देने की बात कहते हैं। इन आरोपों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की है कि ग्राम पंचायत टेकाड़ी में संबंधित पदाधिकारियों के पूरे कार्यकाल के दौरान कराए गए निर्माण कार्यों, मजदूरी भुगतान, मस्टररोल, सामग्री व्यय और कार्य पूर्णता संबंधी अभिलेखों की वरिष्ठ अधिकारियों की टीम से दोबारा जांच कराई जाए। उन्होंने जांच के दौरान शिकायतकर्ताओं की उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा आवश्यकता पड़ने पर पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग भी की है।

शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यदि जांच में शासकीय राशि के दुरुपयोग और अनियमितताओं की पुष्टि होती है, तो संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। अब इस शिकायत पर प्रशासन की ओर से की जाने वाली कार्रवाई पर नजर रहेगी।

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