बालाघाट: प्रदेश सरकार द्वारा संकल्प पत्र में धान की खरीदी 3100 रुपये प्रति क्विंटल करने के वादे को तीन साल बाद भी पूरा नहीं करने पर अब किसान आक्रोशित हैं। किसानों के हक और अधिकारों की लड़ाई को लेकर किसान गर्जना संगठन ने आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। संगठन के बैनर तले 23 नवंबर को रेल रोको आंदोलन किया जाएगा।
आंदोलन की रूपरेखा को लेकर संगठन ने पत्रकार वार्ता आयोजित कर जानकारी दी। पत्रकार वार्ता में प्रदेश अध्यक्ष अरविंद चौधरी ने कहा कि किसानों के हितों की रक्षा करना संगठन की प्राथमिकता है। किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलना चाहिए ताकि उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
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उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान भाजपा ने संकल्प पत्र के जरिए किसानों से धान की उपज का मूल्य 3100 रुपये करने का वादा किया था। सरकार बने तीन साल बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक वादा पूरा नहीं किया गया है। इसे लेकर किसान और विपक्ष लगातार आवाज उठा रहे हैं। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी प्रक्रिया शुरू होने से पहले यह मुद्दा और गर्मा गया है।
अरविंद चौधरी ने बताया कि 23 नवंबर को प्रदेश कार्यालय से विशाल रैली निकाली जाएगी जो रेलवे स्टेशन पहुंचेगी, जहां किसानों द्वारा प्रदर्शन कर रेल रोको आंदोलन किया जाएगा। इस आंदोलन में पूरे प्रदेश से किसान परिवार सहित शामिल होंगे।
संगठन की मांग है कि शीतकालीन सत्र के दौरान सरकार विचार कर धान का मूल्य 3100 रुपये तय करे और आगामी धान खरीदी 3100 रुपये के हिसाब से हो। सरकार चाहे तो सीधे 3100 का दाम दे या बोनस मिलाकर 3100 रुपये दे, लेकिन अपना वादा पूरा करे।

