भोपाल: राजधानी के जयप्रकाश जिला अस्पताल (जेपी अस्पताल) में अमन चौरासे की मौत के बाद इलाज में लापरवाही को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि इंजेक्शन लगाने के बाद अमन की हालत बिगड़ गई और आईसीयू में भर्ती करने के बावजूद उसे समय पर उपचार नहीं मिला। परिजनों ने इंजेक्शन लगाने वाले डॉक्टर पर नशे में होने का आरोप भी लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। अस्पताल प्रबंधन ने कहा है कि मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी।
दूसरे इंजेक्शन के बाद बिगड़ी हालत
अमन के भाई पंकज चौरासे के मुताबिक, वह सोमवार रात करीब 10:40 बजे अमन को बाइक से जेपी अस्पताल लेकर पहुंचे थे। अमन को घबराहट हो रही थी। अस्पताल में ब्लड प्रेशर जांचने के बाद उसे इंजेक्शन लगाया गया। परिजनों का दावा है कि पहले इंजेक्शन के बाद उसकी हालत ज्यादा नहीं बिगड़ी, लेकिन दूसरे इंजेक्शन के बाद वह बेचैन होने लगा।
पंकज और अमन के साथी संजय डूंगर दवे का आरोप है कि उन्होंने डॉक्टर और नर्स को अमन की बिगड़ती हालत के बारे में बताया, लेकिन इसके बाद उसे आईसीयू में भेजा गया। परिजनों के अनुसार, अमन करीब आधे घंटे तक आईसीयू में बेचैन होकर तड़पता रहा। उनका आरोप है कि इस दौरान उसे समय पर उपचार नहीं मिला।
आईसीयू का वीडियो सामने आने से उठे सवाल
अमन की मौत के बाद आईसीयू का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वह बिस्तर पर बेचैन दिखाई दे रहा है। परिजनों का कहना है कि वीडियो उपचार के दौरान उसकी स्थिति को दिखाता है। पंकज के मुताबिक, अमन को आईसीयू में ले जाने के बाद परिजनों को उसकी हालत की स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने दावा किया कि करीब एक घंटे बाद उन्हें अमन की मौत की सूचना दी गई।
परिजनों ने इलाज में देरी के साथ डॉक्टर के नशे में होने का आरोप लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि के लिए किसी जांच रिपोर्ट की जानकारी सामने नहीं आई है। वीडियो के आधार पर भी अकेले चिकित्सकीय लापरवाही का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
यह भी पढ़ें: पांच राज्यों में चुनाव से पहले आयोग सख्त, गृह जिले में तैनात अफसरों के होंगे तबादले
अधीक्षक बोले- पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट होगी वजह
अस्पताल अधीक्षक डॉ. संजय जैन ने बताया कि अमन का मामला अल्कोहलिक इंटॉक्सिकेशन यानी शराब के नशे से जुड़ा था। उनके अनुसार, संबंधित डॉक्टर ने पुलिस को सूचना दे दी थी।
डॉ. जैन ने डॉक्टर के नशे में होने के आरोप पर कहा कि बिना जांच किसी चिकित्सक के खिलाफ इस तरह का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल सकेगी।
फिलहाल अमन की मौत को लेकर परिजनों के आरोपों और अस्पताल प्रबंधन के पक्ष के बीच कई सवाल बने हुए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मामले की जांच से यह स्पष्ट होगा कि मौत किन परिस्थितियों में हुई और उपचार में किसी तरह की लापरवाही बरती गई थी या नहीं।

