भोपाल: सऊदी अरब पर हूती विद्रोहियों के हमले के बाद खाड़ी देशों में हवाई सेवाएं प्रभावित हुई हैं। कई अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट्स रद्द होने से मध्य प्रदेश के करीब 300 लोग सऊदी अरब और अन्य खाड़ी देशों में फंस गए हैं। इनमें से लगभग 50 फीसदी यात्री अकेले भोपाल और इंदौर के हैं, जो उमराह, नौकरी और व्यापार के सिलसिले में वहां गए थे।
अचानक फ्लाइट रद्द होने से यात्री एयरपोर्ट और होटलों में फंस गए हैं। वापसी की कन्फर्म टिकट होने के बावजूद उन्हें नई फ्लाइट के लिए भटकना पड़ रहा है। खाने, रहने और लोकल ट्रांसपोर्ट के लिए रोजाना प्रति व्यक्ति 4 से 5 हजार रुपये तक जेब से खर्च करने पड़ रहे हैं, जिससे परिवारों पर दोहरी मार पड़ रही है। विदेश में फंसे होने के कारण परिजनों में भी चिंता बढ़ गई है।
सरकार अलर्ट, लिस्ट तैयार
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। राज्य सरकार ने खाड़ी देशों में फंसे प्रदेशवासियों की सूची तैयार कर ली है और विदेश मंत्रालय के संपर्क में है। सरकार का कहना है कि सभी नागरिकों की सुरक्षित वापसी प्राथमिकता है।
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सियासत भी तेज
इधर, इस मुद्दे पर सियासत भी शुरू हो गई है। कांग्रेस प्रवक्ता अब्बास हफीज ने अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री कृष्णा गौर से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा और फंसे लोगों की तत्काल मदद की मांग की।
वहीं, मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सनवर पटेल ने भी मुख्यमंत्री से मुलाकात कर मामले में हस्तक्षेप कर केंद्र सरकार से बात करने का आग्रह किया है, ताकि सभी यात्रियों को जल्द से जल्द सकुशल भारत लाया जा सके।

