भोपाल: गुरुवार, 29 अक्टूबर को करवा चौथ का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन महिलाएं पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ व्रत रखेंगी। रात में चांद के दर्शन और पूजा के बाद व्रत खोला जाएगा। हालांकि, इस बार चक्रवात ‘अर्नब’ के प्रभाव के चलते कुछ इलाकों में चांद के दीदार में परेशानी हो सकती है।
सिंगरौली में आएगा सबसे पहले चांद नजर
ज्योतिषियों के मुताबिक, मध्य प्रदेश में सबसे पहले सिंगरौली में रात 8 बजकर 1 मिनट पर चांद नजर आने की संभावना है। वहीं, राजधानी भोपाल में रात 8 बजकर 26 मिनट और इंदौर में 8 बजकर 34 मिनट पर चांद दिखाई दे सकता है।
प्रदेश में सबसे आखिर में आलीराजपुर में रात 8 बजकर 41 मिनट पर चांद के दर्शन होने का अनुमान है।
पूर्वी हिस्से में बारिश का अनुमान
करवा चौथ के दिन पूर्वी हिस्से- जबलपुर, सागर, रीवा और शहडोल संभाग में तेज बारिश का अनुमान है। वहीं, पश्चिमी हिस्से- भोपाल, इंदौर, नर्मदापुरम, उज्जैन, ग्वालियर और चंबल संभाग में बादल छाए रह सकते हैं। इस वजह से इंतजार लंबा हो सकता है।
कई जगहों पर तय समय से 10-15 मिनट लेट
नेशनल अवॉर्डी विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने बताया कि दिया गया चंद्रोदय का समय क्षितिज से उदित होने का है। अगर आपके क्षेत्र में ऊंची इमारतें, पहाड़ियां या आसमान में हल्के बादल या कोहरा हुआ तो वास्तविक रूप से आंखों से चांद देखने में तय समय से 10-15 मिनट की देरी हो सकती है।
सारिका ने कहा कि इस समय चक्रवात के कारण कई जगहों पर बादल रह सकते हैं। ऐसी स्थिति में महिलाएं जिले के चंद्रोदय के समय के बाद पूर्व उत्तर दिशा में चंद्रमा की उपस्थिति मानकर अर्ध्य दे सकती हैं।
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लंबे व्रत की शुरुआत से पहले ‘सरगी’ की रस्म
करवा चौथ के लंबे व्रत की शुरुआत से पहले सुबह-सुबह एक खास रस्म निभाई जाती है, जिसे सरगी कहते हैं। ये सरगी सास की ओर से बहू को दी जाती है। सरगी की थाली में फल, मिठाई, मेवे और फेनी जैसी चीजें रखी जाती हैं।
इस परंपरा के पीछे एक वैज्ञानिक कारण भी है। सरगी की थाली में वो सभी जरूरी चीजें होती हैं, जो व्रत में आपके काम आती हैं। जो दिन भर भूखे रहने के दौरान शरीर को ऊर्जा देती हैं।

