गयाजी: बिहार के गयाजी एयरपोर्ट पर सुरक्षा जांच के दौरान एक यात्री के हैंडबैग से करीब 110 ग्राम वजन की सुनहरे रंग की संदिग्ध धातु मिलने का मामला सामने आया है। प्रारंभिक जांच में इसके सोने का बिस्किट होने का संदेह जताया गया, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। यात्री के पास धातु से संबंधित वैध दस्तावेज नहीं होने के कारण सुरक्षा एजेंसियों ने आयकर विभाग को सूचना दी। इसके बाद कोलकाता में यात्री को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू की गई।
एक्स-रे जांच के दौरान मिली संदिग्ध वस्तु
जानकारी के अनुसार, यात्री दिल्ली से गयाजी होते हुए इंडिगो की घरेलू उड़ान से कोलकाता जा रहा था। गयाजी एयरपोर्ट पर विमान में सवार होने से पहले यात्रियों के सामान की नियमित सुरक्षा जांच की जा रही थी। इसी दौरान केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के जवानों को यात्री के हैंडबैग में एक संदिग्ध धातु दिखाई दी।
एक्स-रे स्क्रीनिंग में वस्तु असामान्य नजर आने के बाद बैग को अलग करके उसकी तलाशी ली गई। जांच के दौरान बिस्किट के आकार की सुनहरे रंग की धातु बरामद हुई, जिसका वजन लगभग 110 ग्राम बताया गया है।
वैध दस्तावेज नहीं दिखा सका यात्री
सुरक्षा अधिकारियों ने जब यात्री से बरामद धातु के संबंध में जानकारी और जरूरी दस्तावेज मांगे, तो वह मौके पर वैध कागजात प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए CISF की क्राइम इंटेलिजेंस विंग ने आयकर विभाग के अधिकारियों को इसकी सूचना दी।
इस मामले की जानकारी गयाजी और पटना में संबंधित अधिकारियों के साथ-साथ कोलकाता स्थित CISF इकाई को भी दी गई। यात्री को अपनी यात्रा जारी रखने की अनुमति दी गई, जिसके बाद कोलकाता पहुंचने पर आयकर विभाग के अधिकारियों ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।
यह भी पढ़ें: दिवाली से पहले MP के 12 लाख कर्मचारियों-पेंशनर्स को मिल सकता है तोहफा, 5% DA-DR बढ़ाने की तैयारी
मध्य प्रदेश का रहने वाला है यात्री
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, संबंधित यात्री मध्य प्रदेश का निवासी है और अकेले यात्रा कर रहा था। वह दिल्ली से गयाजी पहुंचने के बाद कोलकाता जाने वाली इंडिगो की नियमित उड़ान से रवाना हुआ था।
फिलहाल जांच एजेंसियां बरामद धातु की वास्तविक पहचान, उसके स्रोत और उससे जुड़े दस्तावेजों की जानकारी जुटा रही हैं। धातु सोना है या कोई अन्य धातु, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।

