भोपाल: दिवाली से पहले मध्यप्रदेश के करीब 12 लाख कर्मचारियों और पेंशनर्स को महंगाई भत्ते और महंगाई राहत में बढ़ोतरी की सौगात मिल सकती है। राज्य में डीए और डीआर में 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी को लेकर तैयारी की खबर है। इस पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जल्द फैसला ले सकते हैं।
केंद्र सरकार ने बुधवार को केंद्रीय कर्मचारियों का डीए 3% बढ़ाकर 63% कर दिया है। इसके बाद मध्यप्रदेश के कर्मचारी और पेंशनर्स केंद्र से 5 प्रतिशत अंक पीछे हो गए हैं। प्रदेश में फिलहाल 58% डीए और डीआर मिल रही है।
राज्य सरकार यदि जनवरी 2026 से लंबित 2% और जुलाई 2026 से 3% बढ़ोतरी देने का ऐलान करती है, तो प्रथम श्रेणी के अधिकारियों को हर महीने 7,500 रुपए तक या इससे अधिक का फायदा हो सकता है। इस बढ़ोतरी से सरकार पर करीब 1,202 करोड़ रुपए का अतिरिक्त वित्तीय भार आने का अनुमान है।
केंद्र और एमपी के डीए में कितना है अंतर
केंद्र सरकार ने 1 जुलाई 2026 से केंद्रीय कर्मचारियों के डीए में 3% बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। इसके बाद केंद्रीय कर्मचारियों का कुल डीए 63% हो गया है। दूसरी ओर, मध्यप्रदेश में कर्मचारियों को सातवें वेतनमान के आधार पर 58% डीए और पेंशनर्स को 58% महंगाई राहत मिल रही है।
कर्मचारियों को घोषणा का इंतजार
प्रदेश के कर्मचारी जनवरी 2026 से लंबित 2% बढ़ोतरी और जुलाई 2026 से देय 3% बढ़ोतरी की घोषणा का इंतजार कर रहे हैं। कर्मचारी संगठनों की मांग है कि राज्य सरकार दोनों अवधियों की बढ़ोतरी को मिलाकर कुल 5% का लाभ दे।
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सरकार पर आएगा 1,202 करोड़ रुपए का भार
कर्मचारी संगठनों के आकलन के मुताबिक, जनवरी से जुलाई 2026 तक 2% डीए और डीआर देने पर सरकार पर करीब 450 करोड़ रुपए का खर्च आएगा।
वहीं, जुलाई से अक्टूबर 2026 तक 5% की दर से भुगतान करने पर करीब 752 करोड़ रुपए का अतिरिक्त खर्च अनुमानित है। इस तरह जनवरी से अक्टूबर तक कुल भुगतान का अनुमानित भार 1,202 करोड़ रुपए बताया गया है

