भोपाल: मध्य प्रदेश में संभावित साइबर हमले के खतरे को देखते हुए सरकार ने 30 से अधिक सरकारी पोर्टलों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। पुराने पीएचपी सॉफ्टवेयर में गंभीर तकनीकी खामी सामने आने के बाद यह एहतियाती कदम उठाया गया है। राज्य के 130 से अधिक सरकारी वेब पोर्टल इस तकनीकी जोखिम की जद में थे। इनमें से 70 वेबसाइटों को सुरक्षा अपडेट के बाद दोबारा शुरू कर दिया गया है, जबकि बाकी पोर्टलों को सुरक्षित बनाने का काम जारी है।
संदिग्ध गतिविधियों के बाद बंद की गईं वेबसाइटें
वैश्विक स्तर पर पीएचपी शेल सॉफ्टवेयर में गंभीर खामी सामने आने और एमपी-सर्ट की चेतावनी के बाद राज्य सरकार ने अपनी डिजिटल प्रणालियों की सुरक्षा की समीक्षा की। मध्य प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एमपीएसईडीसी) और साइबर सुरक्षा एजेंसियों ने जांच में पाया कि पुराने सॉफ्टवेयर पर चल रही सरकारी वेबसाइटों पर साइबर हमले का जोखिम है।
एमपीएसईडीसी के प्रबंध निदेशक अंशुमान राज के मुताबिक, आधिकारिक एडवाइजरी जारी होने से पहले ही सरकारी डिजिटल प्रणालियों में कुछ असामान्य गतिविधियों के संकेत मिले थे। इसके बाद सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू करते हुए शुरुआत में करीब 100 सरकारी वेबसाइटों को एहतियातन बंद कर दिया गया।
70 वेबसाइटें अपडेट कर दोबारा शुरू
पोर्टलों को बंद करने के बाद विशेषज्ञ टीमों ने सॉफ्टवेयर अपडेट और सुरक्षा जांच का काम शुरू किया। तकनीकी खामियां दूर करने और नए संस्करण पर अपग्रेड करने के बाद 70 वेबसाइटों को दोबारा ऑनलाइन कर दिया गया है।
अधिकारियों के अनुसार, शेष 30 से अधिक पोर्टलों पर भी काम तेजी से चल रहा है। इनकी सुरक्षा जांच और सॉफ्टवेयर अपग्रेडेशन पूरा होने के बाद ही इन्हें आम लोगों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।
यह भी पढ़ें: स्थापना दिवस पर 102 मेधावी विद्यार्थियों को मिलेंगे एक-एक लाख रुपये, विजेताओं की सूची जारी
शनिवार-रविवार तक बहाली का लक्ष्य
सरकार का लक्ष्य है कि बाकी पोर्टलों को शनिवार और रविवार तक पूरी तरह सुरक्षित करके दोबारा शुरू कर दिया जाए। इस दौरान सरकारी डेटा की सुरक्षा और अनधिकृत पहुंच रोकने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि सभी तकनीकी जांच पूरी होने के बाद ही बंद पोर्टलों की सेवाएं बहाल की जाएंगी।

