दिल्ली: SIR और वोट चोरी के आरोपों को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस के आरोपों पर भाजपा ने पलटवार करते हुए राहुल गांधी और पार्टी की रणनीति पर सवाल उठाए हैं।
जयपुर में शनिवार को भाजपा प्रदेश मुख्यालय में केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने कहा कि सत्ता परिवर्तन का रास्ता सिर्फ चुनाव है, अराजकता नहीं।
अस्थिरता का माहौल बनाने की कोशिश
जोशी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस चुनावी प्रक्रिया और संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाकर देश में भ्रम और अस्थिरता का माहौल बनाने की कोशिश कर रही है।
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और वोट चोरी के आरोपों को लेकर दोनों दलों के बीच सियासी टकराव लगातार बढ़ रहा है। भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को लेकर अब खुलकर जवाब देना शुरू कर दिया है।
राहुल गांधी पर निशाना साधा
जोशी ने कांग्रेस के राजनीतिक अभियान को फेल प्रोजेक्ट की बार-बार लॉन्चिंग बताते हुए कहा कि कांग्रेस एक असफल राजनीतिक प्रोजेक्ट को नए तरीके से पेश करने की कोशिश कर रही है। राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि देश की जनता ने उन्हें पूरी तरह नकार दिया है और अब कांग्रेस के नेता भी परेशान हैं कि इस फेल प्रोजेक्ट को कितनी बार लॉन्च किया जाए।
पार्टी जनता के बीच जाकर कांग्रेस के आरोपों का जवाब देगी
भाजपा की ओर से चलाए जा रहे ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान को लेकर जोशी ने कहा कि पार्टी जनता के बीच जाकर कांग्रेस के आरोपों का जवाब देगी। उनका आरोप था कि कांग्रेस चुनाव में हार के बाद चुनाव आयोग और लोकतांत्रिक संस्थाओं को निशाना बनाती है।
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कांग्रेस के आरोपों का जवाब देती रहेगी भाजपा
उन्होंने कांग्रेस विधायक के बेटे से जुड़े एक चुनावी मामले का भी उल्लेख किया और फर्जी अदालती आदेश और दो जगह मतदाता बनने की कोशिश के आरोप लगाए। जोशी ने कहा कि भाजपा कांग्रेस के आरोपों का जवाब तथ्यों के साथ देती रहेगी। कांग्रेस ऐसे राजनीतिक अभियानों के जरिए सत्ता में वापसी नहीं कर पाएगी।
इस तरह SIR को लेकर शुरू हुआ विवाद अब भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधे राजनीतिक टकराव का रूप ले चुका है। कांग्रेस जहां मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और वोट चोरी के आरोपों को लेकर आंदोलन कर रही है, वहीं भाजपा इसे चुनावी हार के बाद संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने की राजनीति बता रही है।

