भोपाल: मध्यप्रदेश में राज्यसभा उपचुनाव के बीच 50 से अधिक चुनाव लड़ चुके कांते सयन्ना ने भी दावेदारी पेश करने की तैयारी शुरू कर दी है। तेलंगाना के 48 वर्षीय सयन्ना ने विधानसभा से नामांकन फॉर्म लिया है। उनके पास एक एकड़ खेत और ढाई लाख रुपये की कार है, जबकि पत्नी के नाम दो करोड़ रुपये का मकान है। निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ने के लिए उन्हें 10 विधायकों का समर्थन जुटाना होगा।
10 से अधिक राज्यों में आजमा चुके हैं किस्मत
मूल रूप से तेलंगाना के रहने वाले सयन्ना ने ओसमानिया विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में एमए किया है। वह व्यवसाय करते हैं और अब तक विधानसभा, लोकसभा सहित विभिन्न चुनावों में 50 से अधिक बार अपनी किस्मत आजमा चुके हैं। वह उपराष्ट्रपति पद के चुनाव में भी दावेदारी पेश कर चुके हैं।
उनके संपत्ति विवरण के मुताबिक, सयन्ना के पास एक एकड़ कृषि भूमि, ढाई लाख रुपये कीमत की कार और 30 हजार रुपये नकद हैं। वहीं, उनकी पत्नी के पास 30 हजार रुपये नकद, साढ़े पांच तोला सोना और दो करोड़ रुपये कीमत का आवासीय भवन है।
चुनाव लड़ने का खर्च खुद उठाते हैं
सयन्ना का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल चुनाव जीतना नहीं, बल्कि आम लोगों को उनके अधिकारों और बुनियादी सुविधाओं के प्रति जागरूक करना है। वह चुनाव लड़ने का खर्च खुद उठाते हैं और किसी राजनीतिक दल पर निर्भर नहीं रहते।
एक मीडिया बातचीत में उन्होंने कहा कि लोग उनके चुनाव लड़ने पर सवाल उठाते हैं और मजाक भी बनाते हैं, लेकिन इससे उन्हें फर्क नहीं पड़ता। वह अपना काम करते रहेंगे और परिणाम की चिंता नहीं करेंगे।
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प्रस्तावकों का समर्थन जुटाना चुनौती
राज्यसभा चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के नामांकन के लिए कम से कम 10 निर्वाचकों का प्रस्तावक होना जरूरी है। मध्यप्रदेश में सयन्ना को इसके लिए विधायकों का समर्थन जुटाना होगा। उनका कहना है कि वह इस दिशा में प्रयास कर रहे हैं और उन्हें समर्थन मिलने की उम्मीद है।
फिलहाल, उनका नामांकन फॉर्म लेना चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि, फॉर्म लेना और विधिवत नामांकन दाखिल करना अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं। उनकी उम्मीदवारी प्रस्तावकों की आवश्यक शर्त पूरी होने और नामांकन पत्र स्वीकार होने पर निर्भर करेगी।

