उज्जैन: जिले के प्राचीन मां गजलक्ष्मी मंदिर में इस बार दिवाली पर खास सजावट देखने को मिलेगी। नई पेठ स्थित मंदिर को 40 लाख रुपये के नोटों से सजाया जाएगा। सजावट की शुरुआत धनतेरस से होगी। वहीं, दिवाली के दिन माता का 5100 लीटर दूध से अभिषेक किया जाएगा।
भक्तों ने विशेष सजावट के लिए 40 लाख रुपये दिए
दिवाली पर्व को लेकर मां गजलक्ष्मी मंदिर में तैयारियां शुरू हो गई हैं। मंदिर को सजाने के लिए नोटों की लड़ियां बनाई जा रही हैं। भक्तों ने इस विशेष सजावट के लिए 40 लाख रुपये दिए हैं। धनतेरस से मंदिर में नोटों से सजावट शुरू होगी।
वहीं, दिवाली के दिन मां गजलक्ष्मी का 5100 लीटर दूध से अभिषेक किया जाएगा। पूजा-अर्चना के बाद अभिषेक में इस्तेमाल किया गया दूध भक्तों के बीच वितरित किया जाएगा। दिवाली पर मंदिर में होने वाले इस विशेष आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह है।
गजलक्ष्मी के साथ विष्णु की दुर्लभ प्रतिमा
पुजारी अवधेश शर्मा ने बताया कि मां गजलक्ष्मी की प्रतिमा एक ही पाषाण पर निर्मित स्फटिक से बनी है। इसे करीब 2 हजार साल पुराना और सम्राट विक्रमादित्य के समय का बताया जाता है। माता की प्रतिमा ऐरावत हाथी पर सवार पद्मासन मुद्रा में है। मान्यता है कि सम्राट विक्रमादित्य मां गजलक्ष्मी को अपनी राजलक्ष्मी मानकर पूजन करते थे।
मंदिर में भगवान विष्णु की काले पाषाण से निर्मित प्रतिमा भी विराजित है। इसमें भगवान विष्णु के छोटे-छोटे रूपों में 24 अवतारों का वर्णन है। मंदिर आने वाले श्रद्धालु मां गजलक्ष्मी के साथ भगवान विष्णु के भी दर्शन करते हैं। खबर के मुताबिक, ऐसी प्रतिमा देश के किसी अन्य मंदिर में नहीं है।
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धनतेरस से शुरू होगी मंदिर की सजावट
पंडित अवधेश शर्मा ने बताया कि मान्यता है कि गजलक्ष्मी मंदिर करीब 2 हजार साल पुराना है। पुराने शहर के नई पेठ स्थित इस मंदिर में सुबह से ही मां लक्ष्मी का दूध से अभिषेक किया जाएगा। इस दौरान भक्त अपने साथ दूध और कमल का फूल लेकर आएंगे और माता को अर्पित करेंगे। 8 नवंबर रविवार को रात 2 बजे तक माता के दर्शन होंगे। इसके बाद सुहाग पड़वा के पूजन की तैयारी शुरू होगी।

