नई दिल्ली: कैंसर का इलाज करा रहे मरीजों और उनके परिवारों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ी राहत का ऐलान किया है। सरकार ने 137 एंटी-कैंसर दवाओं के व्यापारिक मार्जिन पर 30 प्रतिशत की सीमा तय की है। इसके बाद इन दवाओं की कीमतों में कमी की गई है। नई कीमतें 9 नवंबर 2026 से लागू होंगी।
केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के अनुसार, नेशनल फार्मास्यूटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (NPPA) ने यह फैसला दवाओं को मरीजों के लिए अधिक किफायती बनाने के उद्देश्य से लिया है।
1000 से ज्यादा दवाओं की कीमतों में कटौती
सरकारी जानकारी के मुताबिक, 76 दवा कंपनियों ने 1225 एंटी-कैंसर फॉर्मूलेशन के संशोधित MRP की जानकारी दी है। इनमें से 1031 दवा फॉर्मूलेशन की कीमतों में कमी दर्ज की गई है।
करीब 600 ब्रांड की कीमतों में 50 प्रतिशत से अधिक की कटौती हुई है। कुछ दवाओं में अधिकतम 96.45 प्रतिशत तक की कमी दर्ज की गई है।
इन दवाओं के दाम में भी आई बड़ी कमी
सरकार की जारी सूची के अनुसार, स्तन कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाले Pertuzumab 420 MG इंजेक्शन के ब्रांड LUPIHER 2 की कीमत 83,520 रुपये से घटाकर 37,358.35 रुपये कर दी गई है।
इसी तरह Bevacizumab इंजेक्शन के एक ब्रांड Bryxta की कीमत 25,995 रुपये से घटाकर 3,318 रुपये कर दी गई है।
हर साल 3500 करोड़ रुपये से ज्यादा की बचत का अनुमान
सरकार का अनुमान है कि इन दवाओं की कीमतों में कमी से मरीजों और उपभोक्ताओं को सालाना लगभग 3,502.31 करोड़ रुपये की बचत होगी।
नई व्यवस्था के तहत दवा विक्रेताओं, अस्पतालों और संबंधित संस्थानों को संशोधित MRP की सूची प्रदर्शित करनी होगी। मरीज दवाओं की सही कीमत की जानकारी NPPA की वेबसाइट और Pharma Sahi Daam ऐप के माध्यम से भी प्राप्त कर सकते हैं।
कैंसर के इलाज में लंबे समय तक महंगी दवाओं की जरूरत पड़ती है। ऐसे में कीमतों में यह कटौती मरीजों और उनके परिवारों के आर्थिक बोझ को कम करने में मदद कर सकती है।

