जबलपुर। कर चोरी के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए सेंट्रल जीएसटी विभाग ने जबलपुर में एक साथ 7 फर्मों पर छापेमार कार्रवाई से हड़कंप मच गया। स्क्रैप कारोबार से जुड़ी इन फर्मों पर फर्जी लेन-देन के शक के आधार पर दस्तावेज जब्त किए गए हैं। प्रारंभिक जांच में चौंकाने वाले खुलासों के संकेत मिल रहे हैं।
मध्यप्रदेश के जबलपुर शहर में गुरुवार को सेंट्रल जीएसटी विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सात फर्मों पर एक साथ दबिश दी। यह कार्रवाई कमिश्नर लोकेश कुमार लिल्हारे के नेतृत्व में की गई। जिन फर्मों पर छापे मारे गए, उनमें शमा स्टील, केएनआर मेटल, मदन ट्रेडर्स, मानस इंटरप्राइजेज, वर्धमान इंटरप्राइजेज, सिल्वर स्टील इंडस्ट्री और महावीर इंडस्ट्री शामिल हैं।
सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक, यह सभी फर्म स्क्रैप के कारोबार से जुड़ी हुई हैं और इन पर फर्जी बिल और संदिग्ध लेन-देन के जरिए टैक्स चोरी का संदेह है। कार्रवाई के दौरान विभाग ने बड़ी संख्या में दस्तावेज, कंप्यूटर डेटा और लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड जब्त किए हैं।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि शमा फर्म्स ने मौके पर ही फर्जी लेन-देन की बात स्वीकार करते हुए लगभग 7 लाख रुपये का भुगतान कर दिया। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि यह केवल शुरुआती आंकड़ा है और जांच आगे बढ़ने पर कर चोरी की रकम कहीं अधिक सामने आ सकती है।
जीएसटी अधिकारियों की टीम ने सभी फर्मों के खातों, बैंक ट्रांजेक्शन और बिलों का बारीकी से परीक्षण शुरू कर दिया है। माना जा रहा है कि जांच के बाद पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकता है, जिसमें अन्य कारोबारी भी शामिल हो सकते हैं।
इस छापामार कार्रवाई के बाद स्क्रैप कारोबार से जुड़े अन्य व्यापारियों में भी हड़कंप का माहौल है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि कर चोरी के मामलों में किसी भी स्तर पर सख्ती से निपटा जाएगा।
जबलपुर में सेंट्रल जीएसटी की बड़ी कार्रवाई, कबाड़ कारोबारी के ठिकानों पर छापा


