90 प्रसुती महिलाएं हुई गायब, बालाघाट कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश!

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बालाघाट। कलेक्टर मृणाल मीना ने जिला चिकित्सालय बालाघाट का आकस्मिक निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं को देखा। इस दौरान 90 प्रसुताएं अस्पताल से गायब मिली। जिस पर कलेक्टर ने नाराजगी जाहिर की और उचित कार्रवाई के निर्देश भी दिए। निरीक्षण में पाया गया कि पूर्व में दिये गए निर्देश के अनुसार जिला चिकित्सालय में शौचालय एवं ड्रेनेज के कार्य कराये गए है और साफ सफाई की व्यवस्था में सुधार हुआ है। निरीक्षण के दौरान मरीजों से चर्चा में पता चला कि प्रसूति वार्ड की सेवाओं में सुधार हुआ है। गर्भवती माताओं के काउंसलिंग व्यवस्था पहले से बेहतर हो गई है।
निरीक्षण के दौरान बताया गया कि जनवरी 2026 में जिला चिकित्सालय में प्रसव के लिए 753 गर्भवती माताओं को भर्ती कराया गया है। इनमें से लगभग 90 महिलाएं स्वयं की इच्छा से या बिना बताए चली गई है। कलेक्टर श्री मीना ने प्रसव के लिए भर्ती होने के बाद बिना बताए या स्वेच्छा से महिलाओं के चले जाने पर नाराजगी जाहिर की और कहा कि भर्ती होने वाली महिलाओं को काउंसलिंग को और बेहतर बनाया जाए। काउंसलिंग के दौरान महिला एवं उसके परिजन को बताया जाए कि प्रसव में कितना समय लग सकता है। जो महिलाएं स्वयं की इच्छा से या बिना बताये प्रसव के लिए अन्य स्थान पर चली गई हैं, उनकी भर्ती के समय ड्यूटी पर तैनात वार्ड ब्वाय, नर्सिंग आफिसर एवं अस्पताल लाने वाली आशा कार्यकर्ता को नोटिस दिया जाए कि ऐसी स्थिति क्यों निर्मित हुई और इसकी जांच की जाए।
स्वयं की इच्छा से एवं बिना बताए प्रसव के लिए अन्य अस्पताल में जाने वाली महिलाओं एवं उसके शिशु के बारे में जानकारी ली जाए और उसका रिकार्ड रखा जाए। उन्होंने सीएमएचओ को भी निर्देशित किया कि वे यह सुनिश्चित करे कि खण्ड चिकित्सा अधिकारी गर्भवती महिला को अनावश्यक एवं प्रसव के बहुत समय पहले जिला चिकित्सालय रेफर न करें।
कलेक्टर श्री मीना ने जिला चिकित्सालय की ट्रामा सेंटर में संचालित महिला एवं प्रसूति वार्ड का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रसव के लिए आने वाली महिलाओं के परीक्षण एवं काउंसलिंग की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने प्रसव के लिए आयी महिलाओं से चर्चा भी की और जानकारी ली कि वे जिला चिकित्सालय तक किस साधन से आयी है। कटंगी तहसील के नेहलेसरा एवं बिरसा तहसील के सोनगुड्डा से आयी महिलाओं ने बताया कि वे 108 एम्बुलेंस से जिला चिकित्सालय आयी है और उनके साथ आशा कार्यकर्ता भी भर्ती कराने आयी थी। एम्बुलेंस से आने में उन्हें कोई राशि नही देनी पडी है।
इस दौरान कलेक्टर श्री मीना ने प्रसव के लिए भर्ती की गई महिलाओं की रिकार्ड फाईल का निरीक्षण किया और निर्देशित किया कि उसमें आशा कार्यकर्ता के नाम के साथ ही काउंसलिंग में दी गई सलाह भी दर्ज की जाए। उन्होंने गर्भवती महिलाओं की काउंसलिंग एवं परीक्षण कक्ष के पास ही 108 एम्बुलेंस सेवा के लिए मार्गदर्शन कक्ष 24 घंटे चालू रखने के निर्देश दिये। प्रसव के लिए आने वाली महिलाओं के परिजनों के बैठने के लिए कुर्सी एवं बैंच की संख्या और बढाने के निर्देश दिये।
कलेक्टर श्री मीना ने निरीक्षण के दौरान सख्त निर्देश दिये कि जिला चिकित्सालय में प्रसव के लिए भर्ती होने वाली गर्भवती महिला को प्राईवेट अस्पताल न जाना पडे इसके पुख्ता इंतजाम किये जाए। प्रसूति वार्ड में तैनात वार्ड ब्वाय, नर्सिंग आफिसर एवं अन्य कर्मचारी की ड्यूटी रोटेशन के अनुसार लगायी जाए और उसमें निरंतर परिवर्तन करते रहें। उन्होंने जिला चिकित्सालय परिसर में प्राईवेट एम्बुलेंस की एंट्री पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश दिये और कहा कि रात्रि के समय भी निरीक्षण कर इसका ध्यान रखा जाए।
कलेक्टर श्री मीना ने इस दौरान एनआरएचएम के उपयंत्री को निर्देशित किया कि नेत्र वार्ड के विस्तार का कार्य शीघ्र प्रारंभ करें। ट्रामा सेंटर के ड्रेंनेज एवं नाली की सफाई पर ध्यान नही देने के कारण सफाई कराने वाली फर्म पर पेनाल्टी लगाने के निर्देश दिये।

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