ईरान–इजरायल तनाव के बीच भारत पहुंचा दूसरा कार्गो जहाज

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कारवारमिडिल ईस्ट में जारी तनाव और समुद्री मार्गों पर बढ़ती चुनौतियों के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। संयुक्त अरब अमीरात से रवाना हुआ एक मालवाहक जहाज सुरक्षित रूप से भारत पहुंच गया है। यह जहाज सड़क निर्माण में इस्तेमाल होने वाला करीब 3,100 टन बिटुमेन (तारकोल) लेकर कर्नाटक के कारवार पोर्ट पर पहुंचा है।

UAE के खोर फक्कन पोर्ट से शुरू हुई थी यात्रा

जानकारी के अनुसार, मालवाहक जहाज “Cheng X” ने 3 मार्च को खोर फक्कन बंदरगाह से अपनी यात्रा शुरू की थी। करीब 10 दिन की समुद्री यात्रा के बाद यह जहाज सुरक्षित रूप से खोर फक्कन बंदरगाह पहुंच गया। जहाज की कुल क्षमता लगभग 5,500 टन बताई जा रही है, लेकिन इस बार इसमें करीब 3,100 टन बिटुमेन की खेप लाई गई है।

बता दें कारवार पोर्ट पर पहुंचे इस बिटुमेन का इस्तेमाल क्षेत्र में चल रही कई सड़क निर्माण परियोजनाओं में किया जाएगा। ऐसे समय में यह खेप पहुंचना महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि मध्य-पूर्व में चल रहे तनाव के कारण कई समुद्री सप्लाई रूट प्रभावित हो रहे हैं।

हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरना था बड़ी चुनौती

सूत्रों के मुताबिक, जहाज को अपनी यात्रा के दौरान हॉर्मुज जलडमरूमध्य जैसे संवेदनशील समुद्री मार्ग से गुजरना पड़ा। रिपोर्ट्स के अनुसार, क्षेत्र में बढ़ते तनाव और ईरान द्वारा लगाए गए व्यापारिक प्रतिबंधों की वजह से कई कार्गो जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है। इन परिस्थितियों के बावजूद जहाज का सुरक्षित भारत पहुंचना व्यापार और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए राहत की खबर है।

23 हजार भारतीय नाविक खाड़ी क्षेत्र में तैनात

इस बीच भारत सरकार ने जानकारी दी है कि फारस की खाड़ी और हॉर्मुज क्षेत्र में अभी भी कई भारतीय जहाज मौजूद हैं। शिपिंग मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, फारस की खाड़ी और हॉर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास भारत के झंडे वाले 24 जहाज मौजूद हैं, जिन पर करीब 677 भारतीय नाविक सवार हैं।

साथ ही सरकारी आंकड़ों के मुताबिक पूरे खाड़ी क्षेत्र में करीब 23,000 भारतीय नाविक विभिन्न जहाजों पर काम कर रहे हैं। सरकार लगातार इन जहाजों और नाविकों के संपर्क में है ताकि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाई जा सके।

 

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