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संसद में हल्का-फुल्का पल: निर्मला सीतारमण की चंद्रशेखर आजाद को ‘विदुर’ नाम जोड़ने की सलाह

नई दिल्लीसंसद के बजट सत्र के दौरान लोकसभा में एक दिलचस्प और हल्का-फुल्का पल देखने को मिला। जब केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने उत्तर प्रदेश के नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद को अपने नाम के साथ ‘रावण’ की जगह ‘विदुर’ जोड़ने की सलाह दे दी। उनकी इस टिप्पणी के बाद सदन में कुछ देर के लिए हंसी और हल्का माहौल बन गया।

बिजनौर में ऐतिहासिक संदर्भ

बता दें लोकसभा में बोलते हुए निर्मला सीतारमण ने बिजनौर जिले के ऐतिहासिक महत्व का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि महाभारत के प्रमुख और विद्वान पात्र विदुर ने अपने जीवन का अंतिम समय बिजनौर में बिताया था। इसी संदर्भ में उन्होंने सांसद चंद्रशेखर आजाद को मजाकिया अंदाज में सुझाव दिया कि वे अपने नाम में ‘रावण’ की जगह ‘विदुर’ जोड़ सकते हैं, क्योंकि विदुर ज्ञान और विवेक के प्रतीक माने जाते हैं। निर्मला सीतारमण-‘चंद्रशेखर विदुर’

वहीं वित्त मंत्री ने मुस्कुराते हुए हाथ जोड़कर सांसद की ओर देखा और उन्हें “चंद्रशेखर विदुर” कहकर संबोधित किया। इस पर सत्ता पक्ष के कई सांसदों ने भी वही शब्द दोहराए। वहीं विपक्षी सांसदों में भी हल्की हंसी देखने को मिली। उस समय शत्रुघ्न सिन्हा सहित कई विपक्षी सदस्य भी इस पल का आनंद लेते नजर आए।

‘सौतेले व्यवहार’ के आरोप पर दिया जवाब

दरअसल, नगीना के सांसद चंद्रशेखर आजाद ने अपने क्षेत्र के साथ केंद्र सरकार द्वारा कथित “सौतेला व्यवहार” किए जाने का मुद्दा उठाया था। इस पर जवाब देते हुए वित्त मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार की कई योजनाओं के तहत बिजनौर जिले में बड़े स्तर पर विकास कार्य हुए हैं। साथ ही सीतारमण ने कहा कि- जल जीवन मिशन के तहत बिजनौर जिले के लगभग पांच लाख ग्रामीण घरों तक नल से जल की सुविधा पहुंचाई गई है। इसके अलावा स्वच्छ भारत मिशन के तहत करीब तीन लाख घरों में शौचालयों का निर्माण कराया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार छोटी पार्टियों और निर्दलीय सांसदों की आवाज भी सुनती है और उनके क्षेत्रों में विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाती है।

एलपीजी संकट को लेकर विपक्ष के हंगामे के बीच वित्त मंत्री की यह टिप्पणी सदन में कुछ समय के लिए हल्का माहौल बनाने में सफल रही। राजनीतिक बहस के बीच यह पल लोकसभा की कार्यवाही का एक दिलचस्प हिस्सा बन गया।

 

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