रतलाम। मध्यप्रदेश के रतलाम जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक पति ने अपनी पत्नी को व्हाट्सएप मैसेज के जरिए तीन तलाक दे दिया। इस घटना ने न सिर्फ सामाजिक स्तर पर बहस छेड़ दी है, बल्कि यह भी दिखाया है कि तकनीक का दुरुपयोग किस तरह वैवाहिक संबंधों को प्रभावित कर रहा है। महिला ने इस घटना को अपने अधिकारों का उल्लंघन बताते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की तैयारी शुरू कर दी है।
कानूनी नजर में गंभीर अपराध
बता दें भारत में मुस्लिम महिला (विवाह संबंधी अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम, 2019 के तहत एक साथ तीन तलाक देना पूरी तरह गैरकानूनी है। चाहे यह मौखिक रूप से हो या डिजिटल माध्यम से दोनों ही स्थितियों में यह अपराध माना जाता है। इस कानून के तहत आरोपी को तीन साल तक की सजा और जुर्माना हो सकता है।
घरेलू विवाद बना कारण
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, पति-पत्नी के बीच काफी समय से चला आ रहा पारिवारिक विवाद धीरे-धीरे इतना गहरा हो गया कि मामला डिजिटल माध्यम से दिए गए तलाक तक पहुंच गया।
वहीं, पीड़ित महिला के पास कानून के तहत कई मजबूत अधिकार मौजूद हैं। वह भरण-पोषण, सुरक्षा और न्यायिक संरक्षण की हकदार है। महिला पुलिस में एफआईआर दर्ज कराकर आरोपी के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई शुरू करवा सकती है, साथ ही अदालत का सहारा लेकर अपने वैवाहिक और संवैधानिक अधिकारों की प्रभावी रूप से रक्षा भी कर सकती है।

