रांची। झारखंड में आबकारी कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा में धांधली का बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस को मिली सटीक सूचना के बाद रांची के तमाड़ थाना क्षेत्र में एक निर्माणाधीन इमारत पर देर रात छापा मारा गया, जहां बड़ी संख्या में अभ्यर्थी संदिग्ध गतिविधियों में शामिल पाए गए। कार्रवाई के दौरान मौके पर अफरा-तफरी मच गई और कई लोग भागने की कोशिश करते दिखे, लेकिन पुलिस ने तेजी दिखाते हुए कुल 164 लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
लाखों में बिक रहे थे सवाल-जवाब
मामले की जांच में सामने आया कि अभ्यर्थियों को कथित तौर पर परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र और उत्तर उपलब्ध कराने का दावा किया गया था। इसके लिए प्रत्येक उम्मीदवार से 10 से 15 लाख रुपये तक की डील की जा रही थी।
आरोपी गिरोह ने छात्रों को अलग-अलग सेट्स में पेपर दिए, जिन्हें असली परीक्षा से जोड़कर पेश किया गया। हालांकि शुरुआती जांच में ये पेपर पूरी तरह मैच नहीं हुए, लेकिन यह संगठित ठगी और परीक्षा सिस्टम से खिलवाड़ का गंभीर मामला माना जा रहा है।
मोबाइल-एडमिट कार्ड तक जब्त
बता दें पुलिस ने मौके से प्रश्नपत्र, दस्तावेज, बैंक चेक और कई संदिग्ध सामग्रियां जब्त की हैं। चौंकाने वाली बात यह भी सामने आई कि अभ्यर्थियों से उनके मोबाइल फोन और एडमिट कार्ड पहले ही जमा करा लिए गए थे, ताकि किसी तरह की ट्रैकिंग से बचा जा सके। अब जांच एजेंसियां डिजिटल ट्रेल और बैंक ट्रांजेक्शन के जरिए पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी हैं।
कई राज्यों में फैला कनेक्शन
जानकारी के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपियों में से एक का संबंध एक बड़े ‘सॉल्वर-पेपर लीक’ गिरोह से बताया जा रहा है, जो पहले भी कई राज्यों की प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी के मामलों में सामने आ चुका है। यह नेटवर्क बिहार, उत्तर प्रदेश और राजस्थान तक फैला हुआ है, जिससे यह मामला सिर्फ राज्य नहीं बल्कि राष्ट्रीय स्तर का बन गया है।

