ग्वालियर। मध्यप्रदेश के ग्वालियर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां रिश्तों की आड़ में करोड़ों की ठगी को अंजाम दिया गया। आरोप है कि एक दंपती ने अपने ही करीब 40 रिश्तेदारों को निवेश के नाम पर झांसा देकर करीब 2 करोड़ रुपये हड़प लिए।
फर्जी कंपनी बनाकर दिया ‘मुनाफे’ का लालच
पीड़ितों के मुताबिक, अजय राठौर और उनकी पत्नी नीतू राठौर ने ‘मानसी इंटरप्राइजेज टू’ नाम से एक कंपनी बनाकर निवेश स्कीम चलाई। इसमें हर महीने मोटे मुनाफे का वादा किया गया। साथ ही, नए निवेशक जोड़ने पर 4–5% कमीशन का ऑफर देकर लोगों को नेटवर्क से जोड़ते गए, जो कि एक तरह से चेन सिस्टम जैसा मॉडल बन गया।
क्योंकि आरोपी और पीड़ित आपस में रिश्तेदार थे, इसलिए किसी ने ज्यादा जांच-पड़ताल नहीं की। गुरुदयाल सिंह राठौर ने भरोसे में आकर करीब 30 लाख रुपये निवेश कर दिए, इसके लिए उन्होंने सोना गिरवी रखा और फ्लैट पर लोन लिया। अन्य पीड़ितों ने भी 3 लाख से लेकर 12 लाख तक की रकम लगाई। लेकिन 6 महीने बीतने के बाद भी न तो पैसा लौटा, न ही मुनाफा मिला।
शुरुआती भुगतान से बढ़ाया भरोसा
पीड़ितों का कहना है कि शुरुआत में कुछ महीनों तक मुनाफा दिया गया, ताकि लोगों का भरोसा मजबूत हो सके। इसके बाद अचानक पेमेंट बंद कर दिया गया और आरोपी दंपती फरार हो गए।
इस ठगी में Paytm, PhonePe और अन्य ऑनलाइन माध्यमों से पैसे ट्रांसफर किए गए। इससे यह साफ हो रहा है कि पूरा नेटवर्क डिजिटल पेमेंट के जरिए संचालित किया गया, जिससे रकम को ट्रैक करना भी चुनौतीपूर्ण हो गया है।
आरोपी फरार, पुलिस पर कार्रवाई का दबाव
जानकारी के अनुसार, आरोपी अजय राठौर और नीतू राठौर मूल रूप से भिंड के रहने वाले हैं। नीतू चंडीगढ़ में रह रही थी और अजय नोएडा में एक्टिव था । फिलहाल दोनों के मोबाइल बंद हैं और उनका कोई सुराग नहीं मिला है। पीड़ितों का आरोप है कि वे कई बार थाने, क्राइम ब्रांच और एसपी ऑफिस में शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
यह मामला एक बार फिर बताता है कि सिर्फ रिश्तेदारी या पहचान के आधार पर निवेश करना खतरनाक हो सकता है। किसी भी स्कीम में पैसा लगाने से पहले कंपनी की वैधता और रजिस्ट्रेशन की जांच जरूरी है। जल्दी मुनाफा का लालच अक्सर बड़े नुकसान का कारण बनता है।


