बालाघाट: जिले के डोंगरिया स्थित सरदार पटेल कॉलेज की एक छात्रा द्वारा कॉलेज की प्रयोगशाला में आर्सेनिक रासायनिक पदार्थ का सेवन किए जाने का मामला सामने आया है। घटना के बाद छात्रा की अचानक तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद कॉलेज प्रबंधन द्वारा उसे तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार जारी है। सिविल सर्जन डॉ. निलय जैन के अनुसार समय पर उपचार मिलने से छात्रा की स्थिति फिलहाल स्थिर है और डॉक्टर लगातार उसकी निगरानी कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार पीड़ित छात्रा महाराष्ट्र के जलगांव जिले की निवासी है और बालाघाट के सरदार पटेल कॉलेज के छात्रावास में रहकर आयुर्वेद चिकित्सा की पढ़ाई कर रही है। प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि छात्रा ने कॉलेज की प्रयोगशाला में उपलब्ध आर्सेनिक रासायनिक पदार्थ का सेवन कर लिया। चिकित्सकों के अनुसार आर्सेनिक एक अत्यंत विषैला रासायनिक तत्व है, जिसका शरीर में प्रवेश होने पर कई महत्वपूर्ण अंग प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि समय रहते अस्पताल पहुंचने और उपचार शुरू होने से उसकी हालत में सुधार बताया जा रहा है।
घटना के पीछे मानसिक तनाव को कारण माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि कॉलेज प्रबंधन द्वारा छात्रा पर फीस जमा कराने का दबाव बनाया जा रहा था, जिससे वह पिछले कुछ समय से तनाव में थी। इसी मानसिक दबाव के चलते उसने यह गंभीर कदम उठा लिया। हालांकि इस संबंध में आधिकारिक जांच के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेंगे।
घटना की सूचना मिलते ही कांग्रेस विधायक अनुभा मुंजारे जिला अस्पताल पहुंचीं और छात्रा से मुलाकात कर उसका हालचाल जाना। उन्होंने चिकित्सकों से उपचार की जानकारी लेने के साथ ही छात्रा के परिजनों से भी चर्चा की। विधायक ने आरोप लगाया कि कॉलेज प्रबंधन विद्यार्थियों से निर्धारित शुल्क से अधिक फीस वसूल रहा है तथा इसी तरह की शिकायतें पहले भी सामने आ चुकी हैं। उन्होंने कहा कि यदि फीस और अन्य कारणों से छात्रा मानसिक रूप से प्रताड़ित हुई है तो यह अत्यंत गंभीर मामला है।
विधायक अनुभा मुंजारे ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं जिला अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि छात्रा का उपचार जारी है और उसकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। मामले की जांच के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।

