भोपाल। राजधानी भोपाल की चर्चित एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की मौत अब केवल आत्महत्या का मामला नहीं रह गई है, बल्कि पुलिस जांच और कार्रवाई पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मामले में सामने आई शुरुआती पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर कई प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। रिपोर्ट में मृतका के शरीर पर कई चोटों के निशान होने का उल्लेख था, लेकिन इसके बावजूद पुलिस शुरुआती दिनों में इसे आत्महत्या मानकर चलती रही।
घटना के 9 दिन बाद भी मुख्य आरोपी समर्थ सिंह पुलिस गिरफ्त से बाहर है। हालांकि पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने आरोपी पर इनाम राशि 10 हजार से बढ़ाकर 30 हजार रुपए कर दी है। आरोपी की तलाश में छह टीमें लगाई गई हैं और एसआईटी के साथ लुक-आउट नोटिस भी जारी किया गया है, लेकिन अब तक कोई सफलता हाथ नहीं लगी है।
परिजनों का आरोप है कि शुरुआत से ही उन्होंने मौत को संदिग्ध बताया था, लेकिन पुलिस ने उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लिया। परिवार का कहना है कि 13 मई की रात जब वे कटारा हिल्स थाने पहुंचे, तब थाना स्टाफ ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। आरोप है कि उन्हें थाने से बाहर जाने के लिए कहा गया और शिकायतों को नजरअंदाज किया गया। अब परिवार मामले की जांच किसी दूसरी एजेंसी से कराने की मांग कर रहा है और हाईकोर्ट जाने की तैयारी में है।
आरोपी को पक्ष रखने 23 मई तक की मोहलत
इधर, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी अनूदिता गुप्ता ने एक्ट्रेस ट्विशा बॉडी को सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कटारा हिल्स थाना प्रभारी को शव को माइनस 80 डिग्री तापमान में प्रिजर्व कराने के आदेश दिए, ताकि भविष्य में दोबारा जांच या पोस्टमॉर्टम की जरूरत पड़ने पर साक्ष्य प्रभावित न हों। कोर्ट ने आरोपी समर्थ सिंह को 23 मई को पेश होकर अपना पक्ष रखने के निर्देश भी दिए

