बालाघाट। जिले में धान भंडारण व्यवस्था में अनियमितताओं को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। बता दें 31 दिसंबर 2025 को वारासिवनी और लांजी क्षेत्र में की गई अलग-अलग जांच कार्रवाइयों में राइस मिलों और एक व्यापारी के यहां रिकॉर्ड से अधिक और कम धान पाए जाने का मामला सामने आया है।
वारासिवनी में दो राइस मिलों पर जुर्माना
जानकारी अनुसार अनुविभागीय अधिकारी राजस्व वारासिवनी श्री कार्तिकेय जायसवाल के निर्देशन में एक टीम गठित की गई थी। जिसके बाद जांच दल ने क्षेत्र की राइस मिलों का आकस्मिक निरीक्षण किया। मंडी अधिनियम के तहत धान भंडारण और संबंधित दस्तावेजों की गहन जांच की गई।
पटेल राइस मिल में मिला अतिरिक्त धान
जांच के दौरान पटेल राइस मिल, गर्री में ई-अनुज्ञा पोर्टल पर दर्ज मात्रा से 17.50 क्विंटल अधिक धान पाया गया। जिसे गंभीर अनियमितता मानते हुए राइस मिल संचालक संतोष राहंगडाले पर मंडी अधिनियम 1972 के तहत पांच गुना मंडी शुल्क 3,626 रुपये का जुर्माना लगाया गया। साथ ही चावल स्टॉक से जुड़े सभी बिल और दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए है।

संचेती राइस मिल में पाया गया कम स्टॉक
इसी क्रम में संचेती राइस मिल, वारासिवनी के गोदाम की जांच में ई-पोर्टल के अनुसार दर्ज स्टॉक की तुलना में 111 क्विंटल धान कम पाया गया। जिस पर मिल संचालक गंभीर संचेती पर 14,320 रुपये का जुर्माना अधिरोपित किया गया और अभिलेख प्रस्तुत करने के आदेश दिए गए।
लांजी क्षेत्र में धान सत्यापन में गड़बड़ी
दूसरी ओर लांजी विकासखंड के ग्राम देवलगांव में धान सत्यापन के दौरान एक व्यापारी के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की गई। यह जांच कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी लांजी और कृषि उपज मंडी लांजी के उप निरीक्षक ने संयुक्त रूप से की।
जांच में गगन ट्रेडर्स नामक व्यापारी के पास मंडी पोर्टल में दर्ज 293 क्विंटल की जगह 320 क्विंटल धान पाया गया। रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में अंतर मिलने पर व्यापारी के विरुद्ध मंडी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया।

बिना अनुमति धान विक्रय पर सख्त चेतावनी
प्रशासन ने व्यापारी को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि उपार्जन अवधि के दौरान बिना अनुमति धान का वितरण या विक्रय नहीं किया जाए। नियमों के उल्लंघन पर आगे और कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
प्रशासन ने साफ किया है कि धान उपार्जन और मंडी व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए इस तरह की औचक जांच आगे भी लगातार जारी रहेंगी। किसी भी स्तर पर अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस कार्रवाई में खाद्य विभाग, कृषि उपज मंडी और राजस्व विभाग के अधिकारी शामिल रहे। प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर मौजूद रहकर पूरी प्रक्रिया की निगरानी की।


