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शराब ने ली चार की जान, छीनी कई की आंखों की रोशनी

मोतिहारी। बिहार के मोतिहारी जिले में एक बार फिर दिल दहला देने वाली घटना देखने को मिली है, जहां जहरीली शराब ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। बता दें रघुनाथपुर थाना क्षेत्र के बालगंगा गांव से शुरू हुई इस भयावह घटना में अब तक 4 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 15 से अधिक लोग अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि इस जहरीली शराब के सेवन से 6 से 7 लोगों की आंखों की रोशनी पूरी तरह चली गई है।

एक-एक कर गई जान

जानकारी के मुताबिक, घटना की शुरुआत बुधवार शाम से मानी जा रही है, जब गांव और आसपास के क्षेत्रों में लोगों ने शराब का सेवन किया। शुरुआत में मामला सामान्य लगा, लेकिन गुरुवार को पहली मौत के बाद हालात तेजी से बिगड़ने लगे। शुक्रवार तक आते-आते मौतों का आंकड़ा बढ़ता गया और कई लोग गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचने लगे। आशंका है कि इस जहरीली शराब को 30 से 40 लोगों ने पिया था, जिससे आने वाले समय में हालात और गंभीर हो सकते हैं। इतना ही नहीं इस जहरीली शराब का असर इतना खतरनाक था कि पीने के कुछ ही समय बाद लोगों की आंखों के सामने अंधेरा छाने लगा।

आधे घंटे में छिन गई रोशनी

वहीं कई पीड़ितों ने बताया कि महज आधे घंटे के भीतर उनकी नजर धुंधली हो गई। डॉक्टरों के अनुसार, अस्पताल में भर्ती अधिकांश मरीजों में दृष्टि प्रभावित होने के लक्षण पाए गए हैं, जिनमें से कुछ की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।

हिरासत में मुख्य आरोपी

बता दें घटना के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए हत्या का केस दर्ज कर लिया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी नागा राय को हिरासत में लिया है, साथ ही 6 अन्य संदिग्धों को भी पकड़ा गया है। लापरवाही के आरोप में एक चौकीदार को निलंबित कर दिया गया है। वहीं मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है, जो पूरे नेटवर्क की तह तक जाएगी। पुलिस यह जानने में जुटी है कि जहरीली शराब की यह खेप कहां से आई और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं।

छिपकर इलाज करा रहे लोगों से अपील

साथ ही प्रशासन ने उन लोगों से आगे आने की अपील की है जो डर या शर्म की वजह से निजी अस्पतालों में छिपकर इलाज करा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि समय पर इलाज ही जान बचा सकता है, इसलिए बिना डर सामने आएं।

 

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