नई दिल्ली: त्योहारी सीजन से पहले कमोडिटी बाजार में सोने-चांदी के साथ औद्योगिक धातुओं की कीमतों में भी तेजी देखने को मिल रही है। कमजोर अमेरिकी डॉलर और सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग से धातुओं के दाम ऊपर गए हैं। इसका असर आने वाले दिनों में इलेक्ट्रॉनिक्स, वाहन और निर्माण क्षेत्र की लागत पर भी पड़ सकता है।
सोना और चांदी फिर चमके
दिल्ली में सोमवार को 99.9 फीसदी शुद्धता वाला सोना 900 रुपये बढ़कर 1,64,400 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने ने 4,729.70 डॉलर प्रति औंस का उच्च स्तर छुआ। वहीं एमसीएक्स पर सोना 1.43 फीसदी चढ़कर 1,64,758 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर तक पहुंचा।
चांदी में भी लगातार तीसरे कारोबारी सत्र तेजी रही। यह 3,500 रुपये बढ़कर 2,53,500 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी ने 69.66 डॉलर प्रति औंस का उच्च स्तर छुआ।
तांबा और जिंक में भी तेजी
औद्योगिक धातुओं में भी लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पिछले दो महीनों में तांबा 9.68 फीसदी, एल्युमीनियम 4.88 फीसदी और जिंक 15.48 फीसदी महंगा हुआ है। एक साल में तांबे की कीमत 54.74 फीसदी और जिंक की कीमत 55.46 फीसदी बढ़ चुकी है।
कमजोर डॉलर का असर
विशेषज्ञों के मुताबिक कमजोर अमेरिकी डॉलर और वैश्विक स्तर पर सुरक्षित निवेश की मांग ने सोने-चांदी को मजबूती दी है। आगे कीमतों की दिशा महंगाई के आंकड़ों और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर निर्भर करेगी।
आम लोगों की जेब पर पड़ेगा असर
तांबा, एल्युमीनियम और जिंक जैसे धातुओं का इस्तेमाल पंखे, एसी, फ्रिज, टीवी, वाहन, बिजली वायरिंग और निर्माण कार्यों में होता है। इनकी कीमत बढ़ने से कंपनियों की लागत बढ़ सकती है, जिसका असर आने वाले समय में उत्पादों की कीमतों और आम लोगों के बजट पर पड़ सकता है।

