असम। चुनावी माहौल गर्माते ही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अवैध प्रवासियों और घुसपैठ के मुद्दे को फिर एक बार केंद्र में ला दिया है। असम पुलिस की 10वीं बटालियन के नए परिसर के शिलान्यास कार्यक्रम में उन्होंने साफ कहा कि आने वाले पांच साल घुसपैठियों के लिए “निर्णायक” होंगे।
केंद्रीय गृह मंत्री की सीधी चेतावनी
असम की धरती से गृह मंत्री ने दो-टूक चेतावनी दी- अगर भारत नक्सलियों जैसी बड़ी चुनौती को मिटा सकता है, तो घुसपैठ जैसी समस्या को भी खत्म कर सकता है। उन्होंने कहा कि अवैध प्रवासियों को अगले कुछ वर्षों में न केवल मतदाता सूची से बाहर किया जाएगा, बल्कि उन्हें भारत की सीमाओं के बाहर भी भेजा जाएगा।
घुसपैठ मुक्त जमीन पर बनेगी नई बटालियन
कार्यक्रम में शाह ने बताया कि- जिस भूमि पर असम पुलिस की 10वीं बटालियन का निर्माण होगा, वह जमीन घुसपैठियों से खाली कराई गई है। उन्होंने कहा कि सिर्फ अतिक्रमण हटाना काफी नहीं है, असली समाधान तभी है जब इन घुसपैठियों को देश से बाहर किया जाए।
राहुल गांधी पर सीधा हमला
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को निशाने पर लेते हुए शाह ने कहा कि- कांग्रेस घुसपैठियों को निकालने की बात तो करती है, लेकिन वास्तव में ऐसा कर ही नहीं सकती क्योंकि “अवैध प्रवासी ही उनका वोट बैंक हैं।”
चुनाव से पहले बड़ा राजनीतिक संदेश
असम विधानसभा चुनाव मार्च–अप्रैल में होने की संभावना है, ऐसे में शाह का यह दौरा और बयान सीधे तौर पर चुनावी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। घुसपैठ का मुद्दा लंबे समय से असम की राजनीति का निर्णायक पहलू रहा है, और शाह ने इसे फिर से मुख्य बहस के केंद्र में ला दिया है।

