बालाघाट। क्षेत्र की विधायक अनुभा मुंजारे के कार्यालय और उनके करीबियों के बीच चल रहा घटनाक्रम थमने का नाम नहीं ले रहा है। लगभग एक माह पूर्व विधायक के निज सहायक रहे निराला सिंह बघेले का ऑडियो वायरल होने के बाद अब एक और नया ऑडियो सोशल मीडिया पर सुर्खियां बटोर रहा है। इस नए घटनाक्रम ने न केवल विधायक की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि कांग्रेस के भीतर चल रही गहरी गुटबाजी को भी सार्वजनिक कर दिया है।
क्या है नया मामला
ताजा मामला एक ऑडियो क्लिप का है, जिसमें कथित तौर पर लालबर्रा ब्लॉक किसान कांग्रेस अध्यक्ष मुनेंद्र ठाकरे और अबू नामक व्यक्ति के बीच बातचीत हो रही है। बताया जा रहा है कि अबू विधायक का बेहद करीबी है और किसी समिति में विधायक प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत है। ऑडियो में जिस लहजे और विषय पर चर्चा हो रही है, उससे साफ प्रतीत होता है कि विधायक का अपने ही करीबियों और सहयोगियों पर प्रभावी अंकुश नहीं रह गया है।
बड़े नामों का जिक्र, गुटबाजी आई सामने
इस वायरल ऑडियो में केवल स्थानीय कार्यकर्ता ही नहीं, बल्कि जिले के कद्दावर नेताओं के नामों का भी उल्लेख है। बातचीत के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष सम्राट सरस्वार और किसान कांग्रेस जिलाध्यक्ष भुरू पटेल के नामों का जिक्र आने से राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
ऑडियो के संवादों से यह स्पष्ट झलक रहा है कि संगठन के भीतर खींचतान और गुटबाजी पूरी तरह हावी है। एक गुट दूसरे को नीचा दिखाने या प्रभाव जमाने की कोशिश में लगा है, जिसका सीधा असर विधायक श्रीमती अनुभा मुंजारे की छवि पर पड़ रहा है।
छवि पर लग रहा बट्टा
गौरतलब है कि करीब एक महीने पहले जब निराला सिंह बघेले का ऑडियो वायरल हुआ था, तब विधायक ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें कार्यालयीन कार्यों से मुक्त कर दिया था। लेकिन एक के बाद एक सामने आ रहे इन विवादों ने यह साबित कर दिया है कि मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है। विधायक के बेहद खास माने जाने वाले लोगों के बीच इस तरह की बयानबाजी से जनता के बीच गलत संदेश जा रहा है।
अब देखना यह होगा कि इस नए ‘ऑडियो कांड’ के बाद विधायक अनुभा मुंजारे अपने करीबियों पर क्या अनुशासनात्मक कार्रवाई करती हैं या फिर गुटबाजी की यह आग कांग्रेस की जड़ों को और कमजोर करेगी।


