पटना: बिहार के मोकामा से विधायक अनंत सिंह की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। छोटी बेटी की शादी की तैयारियों में व्यस्त अनंत सिंह को बिहार विधानसभा की ओर से नोटिस जारी किया गया है। यह नोटिस पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोपों को लेकर भेजा गया है। विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार के निर्देश पर जारी इस नोटिस में अनंत सिंह से 7 दिनों के भीतर जवाब मांगा गया है।
विधानसभा सचिव संजय कुमार सिंह ने यह नोटिस जारी किया
विधानसभा सचिव संजय कुमार सिंह ने यह नोटिस जारी किया है। सोमवार को अनंत सिंह ने विधानसभा का नोटिस प्राप्त कर लिया। अब उन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना पक्ष रखना होगा।
पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोपों को लेकर जारी इस नोटिस के बाद अनंत सिंह की विधायकी पर भी चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, उनकी सदस्यता को लेकर अंतिम फैसला उनके जवाब और आगे की विधानसभा प्रक्रिया के बाद ही होगा।
अनंत सिंह और उनकी पत्नी को पार्टी से निकाला गया
मोकामा से विधायक अनंत सिंह को 24 अक्टूबर को जदयू ने 6 साल के लिए पार्टी से निकाल दिया था। अनंत सिंह लगातार पार्टी लाइन से हटकर बयान दे रहे थे। उनकी पत्नी और पूर्व विधायक नीलम देवी को भी पार्टी से निष्कासित किया गया था।
जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाना ने विधानसभा स्पीकर से अनंत सिंह की सदस्यता रद्द करने की अनुशांसा भी की थी।
25 नवंबर तक सरकारी आवास खाली करने का नोटिस
अनंत सिंह को जदयू से बाहर करने के बाद बिहार सरकार के भवन निर्माण विभाग ने उनकी पत्नी नीलम देवी को पटना के 1, मॉल रोड स्थित सरकारी आवास खाली करने का नोटिस जारी किया था। पत्र में 25 नवंबर 2026 तक आवास खाली करने का निर्देश दिया गया था। उनसे राज्य मंत्री का दर्जा भी वापस ले लिया गया था।
ये भी पढ़ें: आगरा DRM ऑफिस में रेलवे अफसर का कुर्सी पर मिला शव, परिजनों का आरोप- सीनियर करते थे प्रताड़ित
दुलारचंद हत्याकांड में सरेंडर करने का आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने दुलारचंद हत्याकांड में अनंत सिंह को एक दिसंबर तक सरेंडर करने का आदेश दिया है। 30 अक्टूबर को दुलारचंद हत्याकांड में अनंत सिंह की जमानत रद्द करने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई थी।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में चार महीने में जांच पूरी करने को कहा है। दुलारचंद हत्याकांड मामले में अनंत सिंह को पटना हाईकोर्ट से जमानत मिली थी।

