लखनऊ। अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी मामले की जांच अब निर्णायक चरण में पहुंच गई है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित नई विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने जांच तेज करते हुए अब तक करीब 200 लोगों को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किए हैं।
जांच की निगरानी एसआईटी सदस्य डीआईजी सोमेन बर्मा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. गौरव ग्रोवर कर रहे हैं। टीम मंदिर के चढ़ावे, वित्तीय लेनदेन, दस्तावेजों, सुरक्षा व्यवस्था और संबंधित प्रशासनिक प्रक्रियाओं की गहन जांच कर रही है।
सूत्रों के अनुसार, नोटिस पाने वालों में मंदिर के चढ़ावे की गिनती, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य व्यवस्थाओं से जुड़े कर्मचारी एवं अधिकारी शामिल हैं। सभी से चरणबद्ध तरीके से पूछताछ की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर बनी नई एसआईटी
मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को निष्पक्ष और प्रभावी जांच सुनिश्चित करने के लिए नई एसआईटी गठित करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद शासन ने आईजी लखनऊ रेंज किरण एस. की अध्यक्षता में नई एसआईटी का गठन किया।
जांच को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए टीम में एक फोरेंसिक ऑडिट विशेषज्ञ (चार्टर्ड अकाउंटेंट) को भी शामिल किया गया है, जो चढ़ावे से जुड़े वित्तीय रिकॉर्ड और लेनदेन की वैज्ञानिक तरीके से जांच करेंगे।
चंपत राय और अनिल मिश्रा से फिर हो सकती है पूछताछ
सूत्रों के मुताबिक, चंपत राय और अनिल मिश्रा, जो पहले ट्रस्ट के पदों से इस्तीफा दे चुके हैं, उन्हें भी नई एसआईटी ने नोटिस भेजा है। इससे पहले पहली एसआईटी दोनों से पूछताछ कर चुकी थी। अब नई जांच टीम भी उनसे दोबारा पूछताछ कर सकती है।
एसआईटी का कहना है कि जांच पूरी तरह साक्ष्यों और दस्तावेजी प्रमाणों के आधार पर आगे बढ़ाई जाएगी।

