कड़कड़डूमा कोर्ट ने दिल्ली दंगों की साज़िश रचने के आरोपियों उमर खालिद और शरजील इमाम की नई जमानत याचिका खारिज कर दी है.
नई दिल्ली| दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने दिल्ली दंगों से जुड़े बड़े साजिश मामले में आरोपी उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। विशेष न्यायाधीश ने यूएपीए (UAPA) के तहत दर्ज इस मामले में दोनों की जमानत अर्जी पर सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया।फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली के विभिन्न इलाकों में हुए सांप्रदायिक दंगों में 53 लोगों की मौत हुई थी, जबकि सैकड़ों लोग घायल हुए थे। इन दंगों को लेकर दिल्ली पुलिस ने बड़ी साजिश रचने का आरोप लगाते हुए कई लोगों को गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार, यह दंगे पूर्व नियोजित थे और इसमें उमर खालिद, शरजील इमाम समेत अन्य लोगों की भूमिका बताई गई है।दोनों आरोपी करीब 6 साल से जेल में बंद हैं।
उमर खालिद और शरजील इमाम ने कई बार जमानत के लिए कोर्ट का रुख किया, लेकिन हर बार उनकी याचिका खारिज हो गई। कोर्ट ने इस मामले में यूएपीए की कड़ी धाराओं को ध्यान में रखते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया।दिल्ली पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपी घटना की साजिश में प्रत्यक्ष रूप से शामिल थे। उनके खिलाफ सबूत के रूप में व्हाट्सएप चैट, भाषण और अन्य दस्तावेज पेश किए गए हैं।
वहीं, दोनों आरोपियों के समर्थक और वकील इस मामले को राजनीतिक साजिश बताते हुए जमानत की मांग कर रहे थे।इस फैसले के बाद अब दोनों आरोपी ट्रायल का सामना करेंगे। इस मामले में कुल 18 से ज्यादा लोग आरोपी हैं और कोर्ट में सुनवाई जारी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यूएपीए जैसे कड़े कानून के तहत जमानत मिलना बेहद मुश्किल होता है, क्योंकि इसमें “प्रथम दृष्टया” सबूतों का परीक्षण किया जाता है। यह फैसला दिल्ली दंगों से जुड़े सभी मामलों पर नजर रखने वालों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

