जबलपुर: चार महीने बंद रहने के बाद जबलपुर का विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल भेड़ाघाट फिर से पर्यटकों से गुलजार हो गया है। नर्मदा का जलस्तर कम होते ही यहां नौकायन शुरू कर दिया गया है। मानसून में नर्मदा में तेज बहाव के कारण नौकायन बंद कर दिया जाता है। पानी कम होने के बाद करीब 10 दिन पहले फिर से नावें चलनी शुरू हुईं। अभी यहां करीब 30 नावें और कुछ मोटरबोट पर्यटकों को सैर करा रही हैं।
पर्यटक संगमरमर की ऊंची सफेद चट्टानों के बीच से नाव में गुजरते हुए नर्मदा के खूबसूरत नजारे का मजा ले रहे हैं। धूप में इन चट्टानों का रंग बदलता हुआ दिखता है, जो इस जगह को और खास बनाता है।
धुआंधार का नजारा है खास
भेड़ाघाट की पहचान धुआंधार जलप्रपात से भी है। यहां नर्मदा का पानी चट्टानों से तेजी से नीचे गिरता है और पानी की बूंदें धुएं जैसी लगती हैं, इसलिए इसे धुआंधार कहते हैं।
1000 साल पुराना 64 योगिनी मंदिर
भेड़ाघाट सिर्फ प्राकृतिक सुंदरता के लिए ही नहीं, बल्कि ऐतिहासिक महत्व के लिए भी जाना जाता है। यहां का 64 योगिनी मंदिर कलचुरी काल का माना जाता है। गोल आकार में बने इस मंदिर को ‘गोलकी मठ’ भी कहते हैं।
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रोपवे और ग्लास ब्रिज बना आकर्षण
यहां रोपवे की सुविधा भी है, जिससे पर्यटक नर्मदा के दूसरे किनारे का नजारा देख सकते हैं। साथ ही ग्लास ब्रिज पर खड़े होकर नीचे बहती नर्मदा को देखना भी रोमांचक अनुभव देता है। बरगी बांध पर क्रूज और हाउस बोट का मजा लिया जा सकता है, वहीं बैलेंसिंग रॉक भी पर्यटकों को खूब आकर्षित करता है।

