भोपाल। राजधानी के अंतरराज्यीय बस स्टैंड (आईएसबीटी) परिसर में रविवार रात भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग की चपेट में आने से वर्मा ट्रेवल्स की सात बसें जलकर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। सूचना मिलते ही दमकल की 10 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। राहत की बात यह रही कि सभी प्रभावित बसें खाली खड़ी थीं, जिससे यात्रियों के हताहत होने की सूचना नहीं है।
इस घटना के बाद दक्षिण भारत जाने वाली बसों सहित कई मार्गों पर बसों की निर्धारित ट्रिप निरस्त कर दी गईं। आग लगने के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल पाया है। पुलिस और संबंधित अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं।
एक बस से दूसरी तक फैली आग
जानकारी के अनुसार, रविवार रात आईएसबीटी परिसर में खड़ी एक बस में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने आसपास खड़ी अन्य बसों को भी अपनी चपेट में ले लिया। कुछ ही देर में सात बसों में आग फैल गई। इनमें वर्मा ट्रेवल्स की बसें शामिल थीं, जो नागपुर, अहमदाबाद और सूरत सहित विभिन्न मार्गों पर संचालित होती थीं। इसके अलावा बालाघाट, सिवनी और इंदौर मार्ग पर चलने वाली बसें भी प्रभावित हुईं। आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कई बसें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं।
दमकल की 10 गाड़ियों ने पाया आग पर काबू
घटना की सूचना मिलते ही राजधानी के अलग-अलग क्षेत्रों से दमकल की 10 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकलकर्मियों ने आग बुझाने के लिए अभियान चलाया और काफी प्रयासों के बाद लपटों पर काबू पाया। इस दौरान पुलिस और प्रशासन ने एहतियात के तौर पर घटनास्थल के आसपास का क्षेत्र खाली कराया तथा सुरक्षा घेरा बनाया, ताकि राहत एवं बचाव कार्य में बाधा न आए।
पास में खड़े थे ऑयल टैंकर, बढ़ी चिंता
बसों में आग लगने की घटना के दौरान आसपास ऑयल टैंकर भी खड़े थे। ऐसे में आग के फैलने की आशंका से स्थिति और गंभीर हो सकती थी। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार किसी टैंकर के आग की चपेट में आने की पुष्टि नहीं हुई है। एहतियात के तौर पर प्रशासन ने आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था की।
दक्षिण भारत जाने वाली बसों समेत कई ट्रिप निरस्त
आग की घटना के बाद वर्मा ट्रेवल्स ने प्रभावित मार्गों पर बस संचालन में बदलाव किया है। दक्षिण भारत जाने वाली बसों सहित कई निर्धारित ट्रिप निरस्त कर दी गईं। इससे यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। फिलहाल आग लगने की वजह स्पष्ट नहीं है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। वहीं, सात बसों को हुए नुकसान का आकलन किया जाना बाकी है।

