भोपाल। भोपाल नगर निगम परिषद की बैठक शनिवार को सुबह 11 बजे निगम मुख्यालय स्थित बैठक कक्ष में होगी। निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में पुराने एजेंडे के संशोधित प्रस्ताव पेश किए जाएंगे। वहीं, वैध-अवैध होर्डिंग्स, बदहाल सड़कों और जनहित के मुद्दों को लेकर भाजपा और कांग्रेस के पार्षदों के सवालों से सदन में हंगामे के आसार हैं। बैठक में महापौर मालती राय भी मौजूद रहेंगी। निगम आयुक्त रामप्रकाश अहिरवार पहली बार परिषद की बैठक में शामिल होंगे। उन्होंने तीन दिन पहले ही कार्यभार संभाला है।
चार प्रमुख प्रस्तावों पर होगी चर्चा
बैठक में चार प्रमुख प्रस्ताव रखे जाएंगे। इनमें दो प्रस्ताव ऐसे हैं, जिन्हें 19 अगस्त की बैठक में मंजूरी नहीं मिली थी। अब महापौर परिषद (एमआईसी) ने इन प्रस्तावों की शर्तों में बदलाव किया है।
नए मुख्यालय के सर्विस ब्लॉक का प्रस्ताव: निगम के नए मुख्यालय स्थित सर्विस ब्लॉक को पहले केवल दो साल के लिए देने का प्रस्ताव था। अब इसे 10 साल के लिए देने और अगले 10 साल तक नवीनीकरण का विकल्प रखने की बात है। इस तरह अधिकतम अवधि 20 साल हो सकती है।
सोन चिरैया हॉकर्स कॉर्नर: गर्ल्स कॉलेज के पास स्थित सोन चिरैया हॉकर्स कॉर्नर को किराए पर देने के प्रस्ताव पर पिछली बैठक में छात्राओं की सुरक्षा को लेकर आपत्ति उठी थी। संशोधित प्रस्ताव के तहत संबंधित एजेंसी को परिसर और आसपास 24 घंटे सीसीटीवी कैमरे चालू रखने तथा सुरक्षा गार्ड तैनात करने होंगे। परिसर को तीन साल के लिए किराए पर देने और अगले तीन साल के नवीनीकरण का प्रस्ताव है।
अमृत 2.0 के लिए ऋण: एजेंडे में अमृत 2.0 योजना के तहत 493.49 करोड़ रुपये का ऋण लेने का प्रस्ताव भी शामिल है।
न्यू मार्केट मल्टीलेवल पार्किंग: न्यू मार्केट मल्टीलेवल पार्किंग की चौथी मंजिल पर स्थित हॉल को किराए पर देने का प्रस्ताव परिषद के सामने रखा जाएगा।
जनहित के मुद्दे शामिल नहीं होने पर विपक्ष नाराज
बैठक के एजेंडे में शहर की बुनियादी समस्याओं से जुड़े मुद्दे शामिल नहीं होने पर विपक्ष ने नाराजगी जताई है। विपक्ष का कहना है कि परिषद की बैठक में उन विषयों पर चर्चा होनी चाहिए, जिनका सीधा असर शहरवासियों पर पड़ रहा है।
विपक्ष के मुताबिक, बारिश के बाद शहर की कई सड़कें बदहाल हैं। जगह-जगह सड़कें खुदी पड़ी हैं और कई स्थानों पर पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। इसके बावजूद सड़कों की मरम्मत और गड्ढों की समस्या को एजेंडे में जगह नहीं मिली। पार्षदों की मांग है कि सड़कों की तत्काल मरम्मत कराई जाए और खासकर शहर की अंदरूनी सड़कों की हालत सुधारी जाए।
वैध-अवैध होर्डिंग्स का मुद्दा भी बैठक में उठने की संभावना है। ऐसे में परिषद की बैठक में निगम प्रशासन को शहर की समस्याओं और राजस्व से जुड़े सवालों का सामना करना पड़ सकता है।

