मुंबई : NEET पेपर लीक विवाद को लेकर जारी छात्र प्रदर्शन अब राजनीतिक और सामाजिक बहस का मुद्दा बन गया है। प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित तौर पर इस्तेमाल की गई आपत्तिजनक भाषा को लेकर अभिनेत्री भूमि पेडनेकर ने नाराजगी जताई है। भूमि ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो संदेश जारी करते हुए कहा कि किसी भी मुद्दे पर विरोध और सवाल उठाना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन अपनी बात रखने का तरीका सम्मानजनक होना चाहिए।
भूमि बोलीं- सवाल उठाएं, लेकिन भाषा की मर्यादा रखें
अभिनेत्री ने कहा कि शिक्षा और व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर युवाओं को अपनी आवाज उठाने का पूरा अधिकार है, लेकिन संवाद की भाषा में संयम और सम्मान जरूरी है। उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि देश की संस्कृति और संवाद की परंपरा को ध्यान में रखते हुए अपनी बात रखनी चाहिए। भूमि ने कहा कि देश के संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों के प्रति सम्मान बनाए रखना जरूरी है और विरोध के दौरान भाषा की मर्यादा नहीं टूटनी चाहिए।
NEET विवाद से शुरू हुआ मामला
गौरतलब है कि NEET-UG 2026 परीक्षा से जुड़े विवादों के बाद छात्रों और विभिन्न संगठनों ने विरोध प्रदर्शन शुरू किए थे। प्रदर्शनकारियों की मांगों में परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच शामिल है। हालांकि, प्रदर्शन के दौरान सामने आए कुछ वीडियो और नारों को लेकर सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई। इसके बाद कई लोगों ने प्रदर्शन के तरीके और भाषा पर सवाल उठाए।
NEET विवाद के बीच अब चर्चा सिर्फ परीक्षा से जुड़े मुद्दों तक सीमित नहीं है, बल्कि विरोध प्रदर्शन के तरीके, सोशल मीडिया पर भाषा और सार्वजनिक संवाद की मर्यादा को लेकर भी बहस शुरू हो गई है।

