मुंबई। भारत के शेयर बाजार में शुक्रवार को भारी बिकवाली देखने को मिली। सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन सेंसेक्स 1092 अंक टूटकर 74,775 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 359 अंकों की बड़ी गिरावट के साथ 23,547 के स्तर पर आ गया। बाजार में सबसे ज्यादा दबाव मेटल, ऑटो और बैंकिंग सेक्टर के शेयरों में देखने को मिला। निवेशकों के बीच डर और अनिश्चितता का माहौल साफ नजर आया।
बाजार में क्यों आई इतनी बड़ी गिरावट?
विशेषज्ञों के मुताबिक घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों कारणों ने बाजार पर दबाव बनाया। ग्लोबल संकेत कमजोर रहे, विदेशी निवेशकों की बिकवाली बढ़ी और मानसून को लेकर चिंता ने निवेशकों का भरोसा कमजोर कर दिया।
1. अमेरिका-ईरान समझौते पर असमंजस
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सबसे बड़ा असर अमेरिका और ईरान के बीच चल रही वार्ता का दिखा। खबरें सामने आईं कि दोनों देशों के बीच सीजफायर बढ़ाने और होर्मुज रूट से शिपिंग प्रतिबंध हटाने पर चर्चा हुई है। लेकिन अभी तक कोई अंतिम सहमति नहीं बनी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump की मंजूरी का इंतजार है। ईरानी मीडिया डील को लेकर अब भी संशय जता रहा है। कच्चे तेल और ग्लोबल सप्लाई चेन पर असर की आशंका बनी हुई है। इस अनिश्चितता ने दुनियाभर के बाजारों में दबाव बढ़ा दिया।
2. विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली
भारतीय बाजार में विदेशी निवेशक लगातार पैसा निकाल रहे हैं। बुधवार को ही विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FII ने करीब 1040 करोड़ रुपए के शेयर बेच दिए थे। बताया जा रहा है कि 2026 में अब तक FII करीब 24.3 बिलियन डॉलर की बिकवाली कर चुके हैं। यह पिछले साल के रिकॉर्ड आउटफ्लो से भी ज्यादा माना जा रहा है। विदेशी फंड्स फिलहाल सुरक्षित बाजारों की ओर शिफ्ट हो रहे हैं, इससे भारतीय बाजार में कमजोरी और बढ़ गई।
3. कमजोर मानसून की चिंता
भारतीय मौसम विभाग यानी IMD ने मानसून को लेकर अनुमान घटा दिया है। पहले जहां सामान्य बारिश का अनुमान 92% था, अब इसे घटाकर 90% कर दिया गया है। इसके साथ केरल तट पर मानसून की एंट्री में भी देरी हो सकती है। साथ ही अल नीनो प्रभाव बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है। वहीं खेती और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर असर का डर भी देखने को मिल सकता है। इन कारणों ने FMCG, ऑटो और ग्रामीण मांग से जुड़े सेक्टरों में दबाव बढ़ा दिया।
4. 24 हजार के नीचे फंसा निफ्टी
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि जब तक निफ्टी 24,000 के ऊपर टिककर बंद नहीं होता, तब तक बाजार में मजबूत तेजी लौटना मुश्किल है। फिलहाल निफ्टी 23,800 से 24,000 के दायरे में फंसा हुआ है। निवेशक मुनाफावसूली कर रहे हैं। ट्रेडर्स शॉर्ट टर्म रिस्क लेने से बच रहे हैं। इसी वजह से बाजार में लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है।
5. इंडिया VIX में बड़ा उछाल
बाजार में डर को मापने वाला इंडेक्स इंडिया VIX शुक्रवार को करीब 6% चढ़कर 15.91 पर पहुंच गया। विशेषज्ञों के मुताबिक VIX बढ़ना बाजार में डर बढ़ने का संकेत होता है। निवेशक फिलहाल जोखिम लेने से बच रहे हैं। सेलिंग प्रेशर खरीदारों पर भारी पड़ रहा है।
किन सेक्टरों में सबसे ज्यादा गिरावट?
- मेटल सेक्टर में भारी बिकवाली
- ऑटो शेयरों में तेज गिरावट
- बैंकिंग और फाइनेंशियल स्टॉक्स दबाव में
- आईटी शेयरों में भी कमजोरी
निवेशकों के डूबे लाखों करोड़
बाजार में बड़ी गिरावट के चलते निवेशकों की संपत्ति में भारी कमी दर्ज की गई। बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप लाखों करोड़ रुपए घट गया। छोटे और मिडकैप शेयरों में भी भारी दबाव देखने को मिला।

