भोपाल: मध्य प्रदेश में सोयाबीन किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ दिलाने के लिए राज्य सरकार भावांतर योजना के तहत खरीदी करेगी। इसके लिए किसानों का पंजीयन 3 अक्टूबर से शुरू होगा और 17 अक्टूबर तक चलेगा। हालांकि, सरकार ने अभी सोयाबीन के भावांतर की राशि तय नहीं की है।
फिलहाल प्रदेश की मंडियों में सोयाबीन का औसत भाव करीब 5150 से 5230 रुपये प्रति क्विंटल चल रहा है। भावांतर योजना के तहत यदि सोयाबीन की बिक्री निर्धारित समर्थन मूल्य से कम भाव पर होती है तो अंतर की राशि राज्य सरकार किसानों के बैंक खातों में सीधे भेजेगी।
ई-उपार्जन पोर्टल पर होगा पंजीयन
सोयाबीन बेचने के इच्छुक किसान ई-उपार्जन पोर्टल के जरिए पंजीयन करा सकेंगे। इसके लिए जिलों में निर्धारित पंजीयन केंद्र बनाए गए हैं। ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत और तहसील कार्यालयों में बने सुविधा केंद्रों के अलावा सहकारी समितियों और सहकारी विपणन संस्थाओं के केंद्रों पर भी पंजीयन की सुविधा रहेगी।
इन केंद्रों पर पंजीयन पूरी तरह नि:शुल्क होगा। इसके अलावा किसान एमपी ऑनलाइन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेंटर, लोक सेवा केंद्र और निजी साइबर कैफे के माध्यम से भी पंजीयन करा सकते हैं। इन केंद्रों पर पंजीयन के लिए 50 रुपये या उससे अधिक शुल्क देना पड़ सकता है।
आधार और बैंक खाता जरूरी
पंजीयन के लिए किसानों को जमीन से जुड़े दस्तावेज, आधार कार्ड, बैंक खाते की जानकारी और अन्य फोटो पहचान पत्र देना होगा। बैंक खाता आधार से लिंक होना जरूरी है, ताकि भावांतर की राशि सीधे किसान के खाते में भेजी जा सके।
फसल बेचते समय और पंजीयन के दौरान किसान के आधार नंबर का सत्यापन किया जाएगा। इसके लिए रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ओटीपी या बायोमेट्रिक के जरिए पहचान सत्यापित की जाएगी।
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पिछले साल 36 लाख किसानों ने कराया था पंजीयन
सरकार के मुताबिक, पिछले साल सोयाबीन के लिए करीब 36 लाख किसानों ने पंजीयन कराया था। किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ दिलाने के लिए सरकार ने मॉडल रेट और भावांतर राशि के आधार पर भुगतान किया था।
इस बार भी सरकार ने भावांतर योजना के तहत पंजीयन की तारीख तय कर दी है। किसानों को पंजीयन की जानकारी देने के लिए उनके मोबाइल नंबर पर संदेश भी भेजे जाएंगे।

