लखनऊ: दिल्ली में विपक्षी दलों की एकजुटता के बीच अब राहुल गांधी और अखिलेश यादव के रिश्तों को लेकर सियासत गरमा गई है। बीजेपी के विधान परिषद सदस्य सुभाष यदुवंश ने दोनों नेताओं पर तंज कसते हुए कहा कि चांदी का चम्मच लेकर पैदा हुए दोनों राजकुमार सिर्फ सत्ता के लिए एक साथ दिखाई देते हैं। असल में दोनों एक-दूसरे को बर्दाश्त नहीं कर सकते।
बीजेपी नेता का यह बयान दिल्ली में बुधवार को कांग्रेस की ओर से बुलाई गई इंडिया गठबंधन की बैठक के बाद आया है। सुभाष यदुवंश का दावा है कि इस बैठक में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को बुलाया ही नहीं गया था। जब वह लखनऊ पहुंच गए, तब राहुल गांधी की तरफ से उन्हें फोन किया गया।
गठबंधन की एकजुटता पर बीजेपी ने कसा तंज
सुभाष यदुवंश ने कहा कि विपक्ष के नेता मंच पर एकजुट होने की बात करते हैं, लेकिन उनके बीच आपसी समझ की कमी साफ दिखाई देती है। उन्होंने समाजवादी पार्टी के एक सांसद के पुराने बयान का भी जिक्र किया, जिसमें कांग्रेस की हैसियत 10 सीटों से कम बताई गई थी।
यदुवंश ने सवाल उठाया कि जब दोनों दलों के नेता एक-दूसरे की राजनीतिक ताकत पर ही सवाल उठा रहे हैं, तो वे मिलकर देश की राजनीति में किस तरह आगे बढ़ेंगे।
उन्होंने राहुल गांधी और अखिलेश यादव को लेकर कहा कि दोनों में न अनुशासन है, न टीम भावना और न ही आपसी तालमेल। उनके मुताबिक दोनों नेता अपनी-अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को ज्यादा महत्व देते हैं।
अखिलेश के शासनकाल से लेकर राहुल के पुराने फैसले तक उठाए मुद्दे
सुभाष यदुवंश ने अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री रहने के दौरान समाजवादी पार्टी में हुए पारिवारिक विवाद का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश की सत्ता मिलने के बाद अखिलेश के परिवार में लंबे समय तक खींचतान चलती रही और इसका असर प्रदेश की राजनीति पर पड़ा।
इसके बाद उन्होंने राहुल गांधी के वर्ष 2013 के एक फैसले को लेकर सवाल उठाए। उस समय मनमोहन सिंह सरकार दोषी सांसदों और विधायकों की अयोग्यता से संबंधित अध्यादेश लेकर आई थी। राहुल गांधी ने इसका सार्वजनिक रूप से विरोध किया था और अध्यादेश की प्रति फाड़ दी थी।
यदुवंश ने इस घटना का हवाला देते हुए कहा कि राहुल गांधी ने अपनी ही पार्टी की सरकार के फैसले को सार्वजनिक रूप से खारिज कर दिया था।
यह भी पढ़ें: प्रधानमंत्री मोदी पर कन्हैया कुमार का हमला, बोले- ये अराजकता नहीं, आपका ही फैलाया हुआ रायता है
परिवारवाद पर भी घेरा, विपक्ष का प्रदर्शन जारी
बीजेपी नेता ने कहा कि राहुल गांधी और अखिलेश यादव दोनों की राजनीति परिवार के इर्द-गिर्द घूमती है। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों नेताओं के लिए सत्ता हासिल करना सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब इंडिया गठबंधन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और एसआईआर के मुद्दे पर लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहा है। विपक्षी दल केंद्र सरकार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं? जबकि बीजेपी विपक्ष के आरोपों को खारिज कर रही है।

