नई दिल्ली: दिल्ली के जंतर-मंतर पर शिक्षा व्यवस्था में सुधार और पेपर लीक के मुद्दे को लेकर जारी छात्रों के आंदोलन को अब बॉलीवुड का खुला समर्थन मिलने लगा है। अभिनेत्री प्रीति ज़िंटा, सोनम बाजवा और मशहूर रैपर रफ्तार ने सोशल मीडिया के जरिए प्रदर्शन कर रहे छात्रों और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद की है। इन कलाकारों ने सरकार से आंदोलनकारियों के साथ सार्थक बातचीत करने और उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की है। फिल्मी हस्तियों की प्रतिक्रिया के बाद यह आंदोलन एक बार फिर राष्ट्रीय बहस का विषय बन गया है।
प्रीति ज़िंटा ने एक्स (X) पर पोस्ट करते हुए लिखा कि उन्हें उम्मीद है कि सरकार छात्रों और सोनम वांगचुक के साथ सकारात्मक संवाद शुरू करेगी, ताकि उनकी सेहत और अधिक खराब न हो। उन्होंने वांगचुक से अनशन समाप्त करने की अपील करते हुए कहा कि उनकी सेहत भी उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी यह लड़ाई। प्रीति ने कहा कि देश के युवाओं और शिक्षा व्यवस्था के बेहतर भविष्य के लिए चल रहे इस संघर्ष में उनका पूरा समर्थन छात्रों के साथ है।
सोनम बाजवा और रफ्तार ने भी उठाई छात्रों की आवाज
अभिनेत्री सोनम बाजवा ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट साझा करते हुए कहा कि प्रदर्शन कर रहे युवा देश की आवाज हैं, कोई खतरा नहीं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब छात्र अपनी बात शांतिपूर्ण तरीके से रखना चाहते हैं तो उनकी आवाज सुनने के बजाय उन पर बल प्रयोग क्यों किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि युवाओं को सम्मानपूर्वक सुना जाना चाहिए, न कि उन्हें डराया जाए।
वहीं रैपर रफ्तार ने भी एक वीडियो संदेश जारी कर कहा कि वह किसी राजनीतिक दल के साथ नहीं, बल्कि संविधान और छात्रों के अधिकारों के साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि यदि बार-बार पेपर लीक जैसी घटनाएं हो रही हैं तो इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। उन्होंने छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई पर दुख जताते हुए कहा कि युवाओं की आवाज को दबाने के बजाय उनकी बात सुनी जानी चाहिए।
गौरतलब है कि जंतर-मंतर पर छात्र संगठन और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) शिक्षा व्यवस्था में सुधार, पेपर लीक मामलों की जवाबदेही तय करने और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी इस आंदोलन के समर्थन में अनशन पर बैठे थे, जिन्हें बाद में अस्पताल में भर्ती कराया गया। दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देश के बाद उन्हें मेदांता अस्पताल में शिफ्ट किया गया है। सोमवार को संसद मार्च के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प में कई छात्र घायल भी हुए थे, जिसके बाद आंदोलन को देशभर से समर्थन मिलना शुरू हो गया है।

