भोपाल: मध्यप्रदेश पुलिस के लिए मंगलवार का दिन ऐतिहासिक रहा। भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा जारी भारतीय पुलिस सेवा (चयन सूची-2025) के तहत मध्यप्रदेश राज्य पुलिस सेवा के सात अधिकारियों को भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में शामिल किया गया। पुलिस मुख्यालय, भोपाल में आयोजित गरिमामय समारोह में पुलिस महानिदेशक (DGP) कैलाश मकवाणा ने सभी अधिकारियों को IPS रैंक पहनाकर सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
डीजीपी कैलाश मकवाणा ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि यह उपलब्धि वर्षों की मेहनत, समर्पण और ईमानदार सेवा का परिणाम है। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने में इन अधिकारियों ने उल्लेखनीय योगदान दिया है और अब भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी के रूप में उनकी जिम्मेदारियां और भी बढ़ गई हैं। उन्होंने सभी अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे अपने कार्य, नेतृत्व क्षमता और व्यवहार से ऐसा उदाहरण प्रस्तुत करें, जो पुलिस विभाग के अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बने।
इन अधिकारियों को मिला IPS कैडर
समारोह के दौरान डीजीपी कैलाश मकवाणा ने निमिषा पाण्डेय, मलय जैन, अमित सक्सेना, मनीषा पाठक सोनी, सुमन गुर्जर, सब्यसाची सराफ और समर वर्मा को भारतीय पुलिस सेवा की रैंक प्रदान की। ये सभी अधिकारी भारत सरकार, गृह मंत्रालय द्वारा 17 जुलाई 2026 को जारी अधिसूचना के अनुसार भारतीय पुलिस सेवा (मध्यप्रदेश कैडर) में नियुक्त किए गए हैं।
गृह मंत्रालय के निर्देशों के अनुसार, सभी नव-नियुक्त IPS अधिकारियों को भारतीय पुलिस सेवा (परिवीक्षा) नियम, 1954 के तहत एक वर्ष की परिवीक्षा अवधि पूरी करनी होगी। इसके साथ ही उन्हें निर्धारित इंडक्शन ट्रेनिंग भी दी जाएगी, ताकि वे भारतीय पुलिस सेवा की जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन कर सकें। राज्य सरकार ने इसे योग्य अधिकारियों को समय पर अवसर देने की अपनी नीति का हिस्सा बताते हुए इसे मध्यप्रदेश पुलिस के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया है।

