नई दिल्ली। पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के शांतिपूर्ण प्रदर्शन को अब बॉलीवुड से भी समर्थन मिलने लगा है। देशभर से जुटे छात्र इस आंदोलन में भाग ले रहे हैं, जबकि कई कलाकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी खुलकर अपना समर्थन व्यक्त किया है।
दिल से आपके साथ हूं- ऋचा चड्ढा
अभिनेत्री ऋचा चड्ढा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा करते हुए आंदोलन में शामिल युवाओं के प्रति समर्थन जताया। उन्होंने कहा कि भले ही वह इस समय विदेश में हैं, लेकिन उनका मन दिल्ली और देश के युवाओं के साथ है। ऋचा ने युवाओं से शांतिपूर्ण, जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनने की अपील करते हुए कहा कि सच्ची देशभक्ति सवाल पूछने और बदलाव लाने में है।

अतुल कुलकर्णी ने युवाओं से मांगी माफी
अभिनेता अतुल कुलकर्णी ने भी छात्रों के आंदोलन का समर्थन किया। उन्होंने अपनी पीढ़ी की ओर से युवाओं से माफी मांगते हुए कहा कि पूर्व पीढ़ियों की गलतियों और लापरवाहियों का बोझ आज के युवाओं को उठाना पड़ रहा है। उन्होंने छात्रों से ईमानदारी और सकारात्मक सोच के साथ देश के भविष्य के निर्माण में आगे आने का आह्वान किया।

कुनिका सदानंद ने लोकतंत्र और जवाबदेही पर दिया जोर
अभिनेत्री कुनिका सदानंद ने कहा कि लोकतंत्र किसी व्यक्ति, पार्टी या विचारधारा का नहीं, बल्कि जागरूक नागरिकों का होता है। उन्होंने कहा कि जब लोगों की आवाज नहीं सुनी जाती, तब शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात उठाना जरूरी हो जाता है। कुनिका ने छात्रों के साहस और जागरूकता की सराहना की।
सोनम वांगचुक और प्रकाश राज ने भी जताया समर्थन
प्रसिद्ध शिक्षाविद और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने पहले ही इस आंदोलन के समर्थन का ऐलान किया था। वहीं अभिनेता प्रकाश राज ने भी छात्रों की मांगों को गंभीरता से लिए जाने की बात कही। शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग को लेकर यह आंदोलन लगातार चर्चा में बना हुआ है।
शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग
प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों ने लाखों युवाओं के भविष्य को प्रभावित किया है। आंदोलनकारियों की मांग है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो और भर्ती एवं परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए।
देशभर में चर्चा का विषय बना आंदोलन
जंतर-मंतर पर चल रहा यह प्रदर्शन अब सोशल मीडिया से निकलकर राष्ट्रीय बहस का हिस्सा बन चुका है। छात्रों के साथ-साथ सामाजिक संगठनों, शिक्षाविदों और कई सार्वजनिक हस्तियों का समर्थन मिलने से आंदोलन को नई ताकत मिल रही है।

