भोपाल। संबद्ध कॉलेजों में वर्षों से चल रहे ‘एक संसाधन- कई कोर्स’ मॉडल पर अब बरकतउल्ला विश्वविद्यालय सख्ती करने जा रहा है। विश्वविद्यालय ने निरीक्षण व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए तय किया है कि अब किसी कॉलेज में संचालित सभी पाठ्यक्रमों की जांच एक साथ होगी। इससे उन संस्थानों की पोल खुल सकेगी, जो अब तक सीमित स्टाफ और संसाधनों के दम पर अलग-अलग समय पर निरीक्षण कराकर कई कोर्स संचालित करते रहे हैं।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसके लिए नया फॉर्मेट-ए लागू किया है। इसके तहत कॉलेजों को निरीक्षण से पहले भवन, क्लासरूम, प्रयोगशालाएं, लाइब्रेरी, उपकरण, फैकल्टी और अन्य सुविधाओं का पूरा ब्यौरा देना अनिवार्य होगा। निरीक्षण दल मौके पर पहुंचकर इन्हीं दावों का वास्तविक स्थिति से मिलान करेगा।
अब तक निरीक्षण अलग-अलग तारीखों और समय पर होने के कारण कई कॉलेज एक ही लैब, क्लासरूम और शिक्षकों को अलग-अलग कोर्सों के लिए दिखाकर संबद्धता और निरंतरता हासिल कर लेते थे। यही वजह रही कि सीमित संसाधनों वाले संस्थानों में भी बीएड, एमबीए, लॉ, बीपीएड सहित कई पारंपरिक और प्रोफेशनल कोर्स एक साथ चलते रहे, लेकिन कभी समग्र जांच नहीं हो पाई।
नई व्यवस्था के बाद विश्वविद्यालय को यह स्पष्ट तस्वीर मिल सकेगी कि संबंधित कॉलेज के पास वास्तव में सभी कोर्स संचालित करने के लिए पर्याप्त संसाधन और योग्य स्टाफ है या नहीं। यदि फॉर्मेट में दी गई जानकारी और मौके की स्थिति में अंतर पाया गया, तो संबंधित संस्थानों पर कार्रवाई की जाएगी।
विश्वविद्यालय का मानना है कि संसाधनों की कमी के बावजूद बड़ी संख्या में कोर्स संचालित होने से शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हुई है। कई छात्रों को डिग्री तो मिली, लेकिन उन्हें व्यावहारिक ज्ञान और आवश्यक कौशल नहीं मिल पाए। संयुक्त निरीक्षण प्रणाली से न केवल फर्जी व्यवस्थाओं पर अंकुश लगेगा, बल्कि शिक्षण गुणवत्ता और संस्थानों की जवाबदेही भी तय हो सकेगी।

