वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 के भाषण में साफ किया कि- सरकार टैक्सपेयर्स के लिए प्रक्रियाओं को आसान, तेज और टेक्नोलॉजी-ड्रिवन बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है। इसके तहत नया इनकम टैक्स अधिनियम 1 अप्रैल 2026 से लागू किया जाएगा, जिसके साथ नया ITR फॉर्मेट भी आएगा।
छोटे करदाताओं को मिलेगा ऑटोमेटेड सिस्टम का फायदा
वित्त मंत्री ने घोषणा की कि छोटे करदाताओं के लिए एक रूल-बेस्ड ऑटोमेटेड प्रोसेस शुरू किया जाएगा, जिससे कम या शून्य TDS डिडक्शन सर्टिफिकेट ऑनलाइन प्राप्त किया जा सकेगा। अब इसके लिए असेसिंग ऑफिसर के पास आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी, जिससे समय और झंझट दोनों कम होंगे।
निवेशकों के लिए आसान होगी Form 15G / 15H प्रक्रिया
जिन निवेशकों के पास कई कंपनियों की सिक्योरिटीज हैं, उनके लिए डिपॉजिटरी संस्थान सीधे Form 15G और Form 15H स्वीकार करेंगे और संबंधित कंपनियों को भेजेंगे। इससे TDS से जुड़ी दिक्कतें काफी हद तक खत्म होंगी।
FY27 के लिए टैक्स और रेवेन्यू अनुमान
सरकार के अनुसार वित्त वर्ष 2026-27 में—
- Non-debt receipts: ₹36.5 लाख करोड़
- Net tax receipts: ₹28.7 लाख करोड़
शिक्षा और स्वास्थ्य पर टैक्स बोझ घटा
शिक्षा और हेल्थ सेवाओं से जुड़े कुछ लेन-देन पर TCS दर 5% से घटाकर 2% कर दी गई है, जिससे आम लोगों को सीधी राहत मिलेगी।
रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करने के लिए ज्यादा समय
अब टैक्सपेयर्स को मामूली फीस देकर रिटर्न संशोधित (Revised Return) करने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा। इससे गलती सुधारने की प्रक्रिया आसान होगी।
प्रॉपर्टी बेचने वाले NRI पर TDS नियम बदला
अब NRI से प्रॉपर्टी खरीदने पर TDS की कटौती रेजिडेंट खरीदार करेगा। इसके लिए अब TAN लेने की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे प्रक्रिया सरल हो जाएगी।
FY27 में फिस्कल डेफिसिट 4.3%
वित्त मंत्री ने बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 में राजकोषीय घाटा GDP का 4.3% रहने का अनुमान है।


