भोपाल: मध्य प्रदेश में एक बार फिर बड़े प्रशासनिक फेरबदल की चर्चाएं तेज हो गई हैं। मंत्रालय के गलियारों में चर्चा है कि सरकार जल्द ही 10 से ज्यादा जिलों के कलेक्टर बदल सकती है। इनमें लंबे समय से एक ही जिले में पदस्थ अधिकारियों के नाम भी शामिल हो सकते हैं। हालांकि, अभी तक सरकार की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
इन 11 जिलों में हो सकता है बदलाव
जिन जिलों के कलेक्टर बदले जाने की चर्चा है, उनमें हरदा, नर्मदापुरम, सीहोर, बालाघाट, पांढुर्णा, मंदसौर, सिंगरौली, नीमच, खंडवा, पन्ना और जबलपुर शामिल हैं। इसके अलावा कुछ अन्य जिलों में भी प्रशासनिक बदलाव देखने को मिल सकता है। माना जा रहा है कि सरकार अधिकारियों के कार्यकाल और प्रशासनिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नई पदस्थापना कर सकती है।
2017 बैच के आईएएस अधिकारियों को मिल सकती है जिम्मेदारी
इस बार के संभावित फेरबदल में 2017 बैच के आईएएस अधिकारियों को मौका मिलने की चर्चा है। बताया जा रहा है कि इस बैच के जिन अधिकारियों को अब तक कलेक्टर के रूप में लंबे समय तक काम करने का अवसर नहीं मिला है, उन्हें जिलों की कमान सौंपी जा सकती है।
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कमिश्नर से लेकर मंत्रालय तक बदलाव की संभावना
कलेक्टरों के अलावा जबलपुर और नर्मदापुरम संभाग के कमिश्नर भी बदले जा सकते हैं। वहीं इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) के सीईओ परीक्षित झाड़े के स्थानांतरण की भी चर्चा चल रही है। इसके साथ ही मंत्रालय और राजभवन में पदस्थ कुछ अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव हो सकता है।
फिलहाल संभावित तबादलों की अंतिम सूची को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। मुख्यमंत्री स्तर पर चर्चा के बाद ही अधिकारियों की नई पदस्थापना पर अंतिम फैसला होने की संभावना है। ऐसे में अब सभी की नजरें सरकार की ओर से जारी होने वाली आधिकारिक तबादला सूची पर टिकी हैं।

