कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद अभिषेक बनर्जी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। कलकत्ता हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने दोनों नेताओं के खिलाफ अवमानना (Contempt of Court) नोटिस जारी करने का आदेश दिया है। मामला TMC की चर्चित ‘शहीद दिवस’ रैली से जुड़ा हुआ है, जिसे लेकर हाईकोर्ट के पूर्व आदेशों के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी अनुसार, यह विवाद 21 जुलाई को आयोजित TMC की शहीद दिवस रैली से जुड़ा है। आरोप है कि रैली के दौरान कोलकाता के धर्मतला इलाके में विक्टोरिया हाउस के बाहर मुख्य सड़कों को ब्लॉक कर दिया गया था, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि यह आयोजन हाईकोर्ट के 2018 के निर्देशों के खिलाफ था। कोर्ट ने पहले ही स्पष्ट किया था कि इस तरह की बड़ी राजनीतिक रैलियां तय समय सीमा के भीतर आयोजित की जाएं और शहर की प्रमुख सड़कों को पूरी तरह बाधित न किया जाए।
हाईकोर्ट ने क्यों जारी किया नोटिस?
बता दें डिवीजन बेंच ने प्रारंभिक सुनवाई के दौरान माना कि मामले में कोर्ट के आदेशों की अवहेलना के आरोपों की जांच आवश्यक है। इसी आधार पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और सांसद अभिषेक बनर्जी को अवमानना नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। कोर्ट अब यह जांच करेगा कि क्या रैली के दौरान वास्तव में न्यायालय के निर्देशों का उल्लंघन हुआ था और यदि हुआ तो जिम्मेदारी किसकी बनती है।
3 जुलाई को होगी अगली सुनवाई
सूत्रों के मुताबिक, मामले की अगली सुनवाई 3 जुलाई को निर्धारित की गई है। इस दौरान दोनों पक्षों की दलीलें सुनी जाएंगी और कोर्ट आगे की कार्रवाई पर फैसला ले सकता है।
क्या है ‘शहीद दिवस’ रैली?
TMC हर साल 21 जुलाई को ‘शहीद दिवस’ मनाती है। यह पार्टी का सबसे बड़ा राजनीतिक कार्यक्रम माना जाता है, जिसमें राज्यभर से लाखों कार्यकर्ता और समर्थक शामिल होते हैं। कोलकाता का धर्मतला क्षेत्र इस आयोजन का प्रमुख केंद्र रहता है।
हाईकोर्ट के इस कदम के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। विपक्ष इसे कानून और न्यायालय के आदेशों की अनदेखी का मामला बता रहा है, जबकि TMC की ओर से अभी तक इस पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

